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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    औरंगजेब पर नागपुर में मचा बवाल; हिंसक प्रदर्शन में 4 पुलिसकर्मी घायल, कई वाहन फूंके

    Updated: Tue, 18 Mar 2025 12:22 AM (IST)

    महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग तेज होने लगी है। प्रदेशभर में हिंदू संगठनों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। उधर शिवसेना (यूबीटी) ने सामना ...और पढ़ें

    नागपुर में हिंसक हुआ प्रदर्शन। ( फोटो- एएनआई )
    नागपुर में हिंसक हुआ प्रदर्शन। ( फोटो- एएनआई )

    HighLights

    1. महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र हटाने की उठी मांग।
    2. पूरे महाराष्ट्र में हिंदू संगठनों ने किया बड़ा प्रदर्शन।
    3. सामना में हिंदू संगठनों की तुलना तालिबान से की गई।

    राज्य ब्यूरो, मुंबई। मुंबई सहित महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में सोमवार को खुल्दाबाद स्थित औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर प्रदर्शन किए गए और जिलाधिकारियों को ज्ञापन दिए गए। इस दौरान नागपुर में हुए प्रदर्शन के बाद मुस्लिम समाज भी सड़क पर उतरा और पथराव और आगजनी की।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी एक बयान में कहा है कि औरंगजेब का महिमामंडन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना ने अपने संपादकीय में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग कर रहे हिंदू संगठनों की तुलना तालिबान से की है।

    पुलिस कर रही लोगों की पहचान

    नागपुर के महल इलाके में भारी भीड़ जमा है। पुलिस ने भीड़ से इलाका खाली करने को कहा है। पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करके गिरफ्तारी में जुटी है। लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की हिदायत दी है। इस बीच आग लगने के बाद वाहनों में धमाकों की आवाज भी सुनी गई।

    तनाव पैदा करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: सीएम फडणवीस

    महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर के महल इलाके में जिस तरह से स्थिति तनावपूर्ण बनाई गई, वह बेहद निंदनीय है। कुछ लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की। यह गलत है। मैं स्थिति पर नजर रख रहा हूं।

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    मैंने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी सख्त कदम उठाने जरूरी हैं, वे उठाए जाएं। अगर कोई दंगा करता है या पुलिस पर पत्थरबाजी करता है या समाज में तनाव पैदा करता है तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

    मैं सभी से अपील करता हूं कि नागपुर की शांति भंग न हो, यह सुनिश्चित करें। अगर कोई तनाव पैदा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस कमिश्नर बोले- स्थिति शांतिपूर्ण

    नागपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. रविंदर सिंघल का कहना है कि अभी स्थिति शांतिपूर्ण है। एक तस्वीर जलाई गई। इसके बाद लोग इकट्ठा हुए। उन्होंने अनुरोध किया और हमने इस संबंध में कार्रवाई भी की। वे मुझसे मिलने मेरे कार्यालय भी आए थे। उन्हें बताया गया कि उनके द्वारा बताए गए नामों के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    हिंसा की घटना रात 8 से 8:30 बजे के आसपास हुई। बहुत अधिक वाहनों में आग नहीं लगाई गई है। हम इसका आकलन कर रहे हैं। दो वाहनों में आग लगाई गई है और पथराव किया गया है। पुलिस तलाशी अभियान चला रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर विश्वास न करें।

    अबू आजमी के बयान के बाद सियासत तेज

    महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग हाल ही में सपा विधायक अबू आसिम आजमी के एक बयान के बाद शुरू हुई है। आजमी ने औरंगजेब की प्रशंसा करते हुए उसे एक अच्छा शासक बताया था। उसके बाद से ही छत्रपति संभाजी नगर के बाहरी हिस्से खुल्दाबाद में स्थित औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग हो रही है। भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) जैसे राजनीतिक दलों के नेता खुलकर यह मांग कर रहे हैं।

    मुंबई और नागपुर में प्रदर्शन

    विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल जैसे हिंदू संगठनों ने भी इस मांग को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। सोमवार को हिंदू तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर इन संगठनों ने मुंबई, पुणे, नागपुर सहित महाराष्ट्र के कई नगरों में खुल्दाबाद स्थित औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर प्रदर्शन किया। नागपुर के महल क्षेत्र में विहिप और बजरंगदल द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक प्रतीकात्मक कब्र बनाकर उसे खोदा और फिर उसे आग के हवाले कर दिया।

    पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल

    इसके बाद शाम को मुस्लिम समाज के लोग भी सड़क पर आ गए और पुलिस पर पथराव करने लगे। पथराव में चार पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। उन्होंने सड़क पर खड़े कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया। उनका कहना है कि हिंदू प्रदर्शनकारियों द्वारा खोदी और जलाई गई प्रतीकात्मक कब्र के ऊपर हरे रंग का जो कपड़ा उढ़ाया गया था, उस पर कुछ पवित्र कलमे लिखे हुए थे।

    जिसे जलाने से इस्लाम का अपमान हुआ है। मगर मुस्लिम समाज के प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र की कुछ मस्जिदों से मुस्लिमों को रमजान के पवित्र माह का हवाला देते हुए घर लौट जाने की अपील भी की जाती रही। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब स्थिति नियंत्रण में है।

    कार सेवा के लिए निकल पड़ेंगे

    मुंबई के आजाद मैदान में विहिप और बजरंगदल के प्रदर्शन के दौरान बजरंगदल के नेता श्रीराज नायर ने कहा कि औरंग्या एक हिंदू द्वेषी था। भारत में उसकी कब्र या स्मारक होना एक तरह से उसके द्वारा किए गए अन्याय को प्रोत्साहित करने जैसा है।

    नायर ने कहा कि हम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सुझाव देना चाहते हैं कि इस कब्र को जल्दी से जल्दी खोदकर इसका अस्तित्व समाप्त किया जाए। अन्यथा बजरंग दल के नेता ‘चलो संभाजी नगर’ का नारा लगाकर कारसेवा के लिए निकल पड़ेंगे। प्रदर्शन के बाद विहिप और बजरंगदल के प्रतिनिधियों ने मुंबई नगर के जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा।

    औरंगजेब का महिमामंडन नहीं करने देंगे

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज ही छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती (हिंदू तिथि के अनुसार) के अवसर पर भिवंडी में उनके एक मंदिर का लोकार्पण करते हुए कहा कि औरंगजेब की कब्र का यदि कोई महिमामंडन करेगा तो हम ऐसा नहीं होने देंगे। इस देश में अगर महिमामंडन होगा तो सिर्फ और सिर्फ छत्रपति शिवाजी के मंदिर का होगा, औरंगजेब की कब्र का नहीं।

    उन्होंने आगे कहा कि यह हमारा कैसा दुर्भाग्य है कि जिस औरंगजेब ने हमारे हजारों लोगों को मारा, आज हमें उसी की कब्र का संरक्षण करना पड़ रहा है, क्योंकि एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) ने उसे संरक्षित कर रखा है, इसलिए उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार की है।

    खुल्दाबाद में कड़े किए गए सुरक्षा बंदोबस्त

    महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शनों को देखते हुए छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण पुलिस ने खुल्दाबाद तहसील में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस ने कब्र की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ, संभाजीनगर ग्रामीण पुलिस, होमगार्ड एवं पुरातत्व विभाग के सुरक्षा रक्षकों को तैनात किया। खुल्दाबाद की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर एसआरपीएफ की टुकड़ियां तैनात की गई हैं।

    केयरटेकर का बयान

    इन विवादों के बीच औरंगजेब की कब्र की देखरेख करनेवाले केयरटेकर अफरोज अहमद ने कहा है कि औरंगजेब को मरे हुए 350 साल से ज्यादा हो गए हैं। अब तक कभी इस कब्र का विरोध नहीं हुआ। मगर अब कुछ नेता और हिंदू संगठन इसे हटाने की मांग कर अपनी राजनीति चमका रहे हैं। अफरोज अहमद के अनुसार कब्र की देखरेख पर कुछ राशि एएसआई देती है। बाकी खर्च उसे खुद ही वहन करना पड़ता है।

    ‘सामना’ ने हिंदू संगठनों की तुलना तालिबान से की

    शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना ने खुल्दाबाद स्थित औरंगजेब की कब्र को महाराष्ट्र की अस्मिता और जुझारू पराक्रम का स्मारक बताते हुए लिखा है कि कुछ नवहिंदुत्ववादियों की ऐसी गर्जना है कि जिस प्रकार बाबरी मस्जिद गिराई गई, उसी प्रकार औरंगजेब की कब्र को भी ध्वस्त कर दिया जाए।

    ये लोग इतिहास और महाराष्ट्र की शौर्य परंपरा के दुश्मन हैं। वे महाराष्ट्र के वातावरण में विष घोलकर खुद को हिंदू तालिबानी के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर चल रहे इस गंदे धंधे को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बंद करना चाहिए।

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