बॉम्बे हाई कोर्ट ने मार्क्स को लेकर नीट उम्मीदवार की याचिका खारिज की, जुर्माना लगाया
बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने नीट उम्मीदवार सृष्टि शांतिबोध मिश्रा की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने अपने 160 अंकों को चुनौती दी थी।

नीट उम्मीदवार की याचिका खारिज की।
HighLights
नीट उम्मीदवार की मार्क्स याचिका नागपुर हाई कोर्ट ने खारिज की।
मूल ओएमआर शीट जांच में एनटीए का स्कोर सही पाया गया।
याचिकाकर्ता पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
डिजिटल डेस्क, नागपुर। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने नीट की तैयारी कर रही एक 17 साल की उम्मीदवार की याचिका खारिज कर दी।
उसका दावा था कि उसे 720 में से 680 अंक मिलने की उम्मीद थी, जबकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने उसे 160 अंक दिए। कोर्ट ने यह फैसला तब लिया, जब उसकी ओरिजिनल ओएमआर आंसर शीट की जांच से पता चला कि एजेंसी का बताया गया स्कोर सही था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जस्टिस अनिल एस. किलोर और जस्टिस रजनीश आर. व्यास की डिवीजन बेंच ने 24 अगस्त को अपने फैसले में सृष्टि शांतिबोध मिश्रा की रिट याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने एनटीए द्वारा जारी 16 जुलाई, 2026 के स्कोर कार्ड को चुनौती दी थी।
उसका तर्क था कि नीट में 720 में से केवल 160 अंक देना मनमाना था और इससे उसके द्वारा असल में मार्क किए गए जवाबों का सही पता नहीं चलता था। उसने स्कोर कार्ड को रद करने, ओरिजिनल ओएमआर आंसर शीट पेश करने और ओएमआर शीट में दर्ज जवाबों के वेरिफिकेशन और दोबारा मिलान की मांग की थी।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
