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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Share Market में क्या होते हैं प्राइमरी व सेकेंडरी मार्केट, इन दोनों में क्या है अंतर

    By Siddharth PriyadarshiEdited By:
    Updated: Wed, 09 Nov 2022 03:17 PM (IST)

    प्राइमरी मार्केट वो जगह होती है जहां पर कंपनियों के शेयर्स व सिक्योरिटीज पहली बार जारी किए जाते हैं। IPO की प्रक्रिया प्राइमरी मार्केट में ही होती है। ...और पढ़ें

    Share Market: what is primary and secondary market
    Share Market: what is primary and secondary market

    नई दिल्ली, ब्रांड डेस्क। शेयर बाजार में निवेशक विभिन्न कंपनियों के इक्विटी शेयर, बॉण्ड्स व सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं। यह निवेश दो तरीके से किया जाता है, एक तो जब निवेशक सीधे किसी कंपनी से उसकी सिक्योरिटीज खरीदते हैं व दूसरा जब निवेशक बाजार में दूसरे निवेशकों से किसी कंपनी के शेयर्स व सिक्योरिटीज खरीदते हैं। इस आधार पर शेयर बाजार को दो भागों में बांटा गया है। पहला है Primary Market (प्राइमरी मार्केट) व दूसरा है Secondary Market (सेकेण्ड्री मार्केट)। अक्सर निवेशकों को इससे जुड़ी कई भ्रांतियां रहती हैं। आज हम इन दोनों मार्केट के बारे में विस्तार से जानेंगे।

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    कंपनी के शेयर्स खरीदने की प्रक्रिया

    दोनों मार्केट को समझने के लिए पहले किसी कम्पनी के शेयर्स खरीदने की प्रक्रिया को समझना बेहद आवश्यक है। सबसे पहले जब भी कोई कम्पनी फंड रेज करने के लिए अपनी सिक्योरिटीज या शेयर्स मार्केट में लाती है तो उसे IPO यानी इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग की प्रक्रिया से गुजरना होता है। IPO के तहत कंपनियां पहली बार अपने शेयर्स को निवेशकों के लिए बाजार में लाती हैं। जिसके बाद निवेशक सीधे कंपनी से शेयर्स खरीदते हैं। IPO के बाद ये शेयर्स बाजार में आ जाते हैं जहां पर निवेशक दूसरे निवेशकों से कम्पनी के शेयर्स बेचते व खरीदते हैं। 

    पहली बार प्राइमरी मार्केट में आते हैं शेयर

    प्राइमरी मार्केट वो जगह होती है जहां पर कंपनियों के शेयर्स व सिक्योरिटीज पहली बार जारी किये जाते हैं। IPO की प्रक्रिया प्राइमरी मार्केट में ही होती है। इस मार्केट में निवेशक सीधे कंपनी से उसकी सिक्योरिटीज खरीदते हैं। उदाहरण के लिए मान लीजिए कोई कंपनी अपने शेयर्स पहली बार मार्केट में लाती है, तो वो कंपनी पहली बार IPO लेकर आएगी। ऐसे में उस कंपनी के शेयर्स 1000 रुपये प्रति शेयर पर निर्धारित किए गये। जिसके बाद निवेशक सीधे उस कंपनी से 1000 रुपये प्रति शेयर के रेट पर शेयर्स खरीदते हैं। 

    सेकेंडरी मार्केट में निवेशक करते हैं ट्रेडिंग

    सेकेण्डरी मार्केट में सिक्योरिटीज व शेयर्स प्राइमरी मार्केट के बाद आते हैं। इसमें निवेशक दूसरे निवेशकों से शेयर्स खरीदते व बेचते हैं। शेयर मार्केट में उपलब्ध सभी एक्सचेंज जैसे NSE, BSE आदि सेकेण्डरी मार्केट के अंतर्गत आते हैं। मान लीजिए आपने आप किसी कंपनी के शेयर NSE या अन्य एक्सचेंज से खरीदते हैं तो आप सीधे तौर पर कम्पनी के साथ खरीददारी नहीं कर रहे हैं बल्कि दूसरे निवेशकों से खरीदते अथवा बेचते हैं। 

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    इस प्रकार प्राइमरी मार्केट के तहत कंपनिया अपने शेयर्स पहली बार निवेशकों को बेचती हैं, यहां पर निवेशके सीधे कंपनी से सौदा करते हैं। तो वहीं सेकेण्डरी मार्केट में पहले से लिस्टेड शेयर्स को दूसरे निवेशकों से खरीदा अथवा बेचा जाता है व यहां पर निवेशक अन्य निवेशकों के साथ ट्रेड करते हैं। 

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    Note:- यह आर्टिकल ब्रांड डेस्क द्वारा लिखा गया है।

    लेखक- सत्यम सिंह