यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Demerger: शेयर मार्केट में क्या होता है डिर्मजर? जानें क्या होता है किसी कंपनी के शेयरों का डिमर्जर के बाद?
What is Demerger? शेयर मार्केट में डिमर्जर एक प्रकार की कारोबारी रणनीति मानी जाती है। जब कोई कंपनी एक या अधिक कंपनियों में विघटित होती है और मूल कंपनी ...और पढ़ें

What is Ex Demerger? स्किल और टैलेंट डेवेलपमेंट सेक्टर में काम करने वाली भारतीय बहुऱाष्ट्रीय कंपनी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIIT) का आज यानी वीरवार, 8 जून 2022 को शेयर मार्केट में डिमर्जर हो गया। कंपनी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि इस डिमर्जर के बाद कंपनी के शेयर एनआइआइटी लर्निंग सिस्टम में हस्तांरित कर दिए जाएंगे। इस सम्बन्ध में पैरेंट एनआइआइटी ने 24 मई 2023 को ही घोषणा कर दी थी। ऐसे में एनआइआइटी के शेयर धारकों को एनआइआइटी लर्निंग सिस्टम्स के स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग के बाद हर शेयर के लिए एक शेयर दिया जाएगा। आइए हम आपको बताते हैं कि शेयर मार्केट में डिमर्जर क्या होता है और डिमर्जर के बाद किसी कंपनी के शेयरों का क्या होता है।
What is Demerger? शेयर मार्केट क्या होता है डिर्मजर?
दरअसल शेयर मार्केट में डिमर्जर एक प्रकार की कारोबारी रणनीति मानी जाती है। जब कोई कंपनी एक या अधिक कंपनियों में विघटित होती है और मूल कंपनी का अस्तित्व समाप्त हो जाता है तो इसे शेयर मार्केट में डिमर्जर कहा जाता है। डिमर्जर की रणनीति उन बड़ी कंपनियों के लिए कारगर होती है जिनके कई ब्रांड बाजार में होते हैं और वह इन्हें अलग-अलग कारोबारी इकाईयों में विघटित करना चाहती है। कई बार कंपनियां ऐसा इसलिए भी करती हैं ताकि वे विघटित किए गए हिस्से को बेचकर पूंजी प्राप्त कर सकें।
What happens to Shares after Demerger? जानें क्या होता है किसी कंपनी के शेयरों का डिमर्जर के बाद?
शेयर मार्केट में किसी कंपनी के डिमर्जर के बाद मूल कंपनी के शेयर विघटित एक या अधिक कंपनियों में हस्तांतरित कर दिए जाते हैं। यदि विघटन एक ही कंपनी में होता है तो डिमर्जर के बाद मूल कंपनी के सभी शेयरधारकों को उनके हर शेयर के लिए नई कंपनी का एक शेयर मिलता है। हालांकि, कई बार डिमर्जर के बाद मूल कंपनी के शेयर की कीमत की तुलना में विघटित कंपनी के शेयर मूल्यों में गिरावट देखी जाती है। इसके पीछे कारण यह है कि जो संपत्तियां कभी मूल कंपनी की थीं, वे अब विघटित कंपनी के एकाउंट में नए बही मूल्य के आधार पर निर्धारित होती है।
हालांकि गुरूवार, 8 जून को हुए एनआइआइटी के डिमर्जर के बाद इसके शेयर शुरूआती कीमत से 3.75 फीसदी बढ़ गए।