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    भूगोल के टीचर न होने के बाद भी इस विषय में पाए 100 अंक, बगैर ट्यूशन के बन गई बिहार टॉपर

    Updated: Wed, 25 Mar 2026 05:02 PM (IST)

    बिहार बोर्ड कक्षा बारहवीं की परीक्षा का रिजल्ट जारी किया जा चुका है। इस बार आर्ट्स स्ट्रीम से खिजरसराय के एक छोटे से जिले की रहने वाली निशु कुमारी ने ...और पढ़ें

    कौन हैं निशु कुमारी।

    कौन हैं निशु कुमारी।

    HighLights

    1. आर्ट्स स्ट्रीम से निशु कुमारी ने किया टॉप।

    2. आर्थिक तंगहाली के कारण नहीं ले पाई थी ट्यूशन।

    एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से कक्षा 12वीं परीक्षा का परिणाम जारी किया जा चुका है। कक्षा बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में इस बार आर्ट्स विषय से निशु कुमारी ने राज्य में टॉप किया है। अपनी इस सफलता से उन्होंने बता दिया है कि आप कम संसाधनों के बावजूद भी जीवन में उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।

    बिहार इंटर की परीक्षा में निशु ने कुल 479 अंक प्राप्त कर परिवार के साथ-साथ अपने स्कूल व जिले का नाम भी रोशन किया है। निशु कुमारी ने राज्य में टॉप करके यह दिखा दिया है कि अगर आपके हौसले बुलंद हो, तो जीवन की विषम परिस्थितियां भी आपको सफल होने से रोक नहीं सकती है।

    कौन हैं निशु कुमारी

    बिहार कक्षा 12वीं की परीक्षा में आर्ट्स स्ट्रीम से टॉप करने वाली निशु कुमारी खिजरसराय प्रखंड लोदीपुर के छोटे से गांव की रहने वाली है। निशु कुमारी ने कक्षा बारहवीं की परीक्षा में आर्ट्स स्ट्रीम में 500 में से कुल 479 अंक लाकर राज्य में टॉप किया है। निशु के पिता किसान है और मां उनकी गृहिणी है। उन्होंने कक्षा बारहवीं की पढ़ाई प्लस टू यशवंत उच्च विद्यालय से पूरी की है।

    बगैर ट्यूशन के हासिल की सफलता

    आर्ट्स स्ट्रीम से टॉप करने वाली निशु के पिता एक छोटे व गरीब किसान है। आर्थिक तंगहाली के कारण उनके पिता के लिए घर का पालन-पोषण करना मुश्किल होता था। घर के माली हालत ठीक न होने के कारण निशु ने कभी भी अपनी चुनौतियों के आगे हार नहीं मानी और बगैर ट्यूशन व सेल्फ स्टडी की मदद से यह मुकाम हासिल किया। 

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    बगैर शिक्षक के भूगोल में हासिल किए 100 अंक

    अपनी इस सफलता के बाद निशु ने बताया कि उनके स्कूल में शिक्षकों का अभाव था। विशेषतौर पर उनके स्कूल में भूगोल के शिक्षक नहीं थे। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने हौसलों को टूटने नहीं दिया। उन्होंने इस विषय में पूरे अंक लाकर दिखा दिया कि आप संसाधनों के कमी के बावजूद भी अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। अपनी इस सफलता का श्रेय उन्होंने परिवार के साथ-साथ ऑनलाइन शिक्षकों को भी दिया है।

    रोजाना 12 से 13 घंटे की पढ़ाई

    निशु कुमारी को यह सफलता रातोंरात नहीं मिली है। उन्होंने जीवन में यह मुकाम हासिल करने के लिए रोजाना 12 से 13 घंटे की पढ़ाई की है। इसके साथ ही निशु कुमारी बताती है कि परीक्षा से महज 20 दिन पहले ही उनके नाना का निधन को गया था, जिसके कारण उनका पढ़ाई में मन नहीं लगता था और पढ़ाई के बीच में बार-बार उनका मन भटकता था। लेकिन उन्होंने इन मुश्किल हालातों का डटकर सामना किया और खुद को परीक्षा के लिए तैयार भी किया।

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