यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Success Story: दो बार UPSC में फेल होने वाली विशाखा यादव ने तीसरे अटेम्प्ट में किया कमाल, हासिल की 6वीं रैंक
Success Story आईएएस विशाखा यादव ने जॉब छोड़कर पूरी तरह दिल अपना UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में लगा दिया था। हालांकि यह उनके लिए इतना आसान नहीं ...और पढ़ें

HighLights
- विशाखा यादव की पढ़ाई दिल्ली में हुई है पूरी
- दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से की है उन्होंने इंजीनियरिंग
- दो बार प्रीलिम्स परीक्षा में अफसर ने झेली थी नाकामी
एजुकेशन डेस्क। Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहले और दूसरे प्रयास में सफलता मिलना बेहद मुश्किल होता है। अक्सर उम्मीदवारों को परीक्षा क्रैक करने में लंबा समय लग जाता है। हालांकि, इस दौरान कुछ उम्मीदवार हताश होकर अपनी राह तक बदल लेते हैं लेकिन आज सक्सेस स्टोरी कॉलम में हम , जिनकी कहानी बताने जा रहे हैं, उन्हें UPSC सिविल सेवा परीक्षा में दो बार असफलता का सामना करना पड़ा। अपने दोनों प्रयासों में वे प्रीलिम्स तक क्रैक नहीं कर पाई। हालांकि, तीसरे अटेम्प्ट में उन्होंने कमाल कर दिया। न उन्होंने परीक्षा में सफलता पाई बल्कि ऑल इंडिया छठवीं रैंक हासिल की। इस IAS अफसर का नाम है विशाखा यादव। आइए जानते हैं उनकी पूरी कहानी।
विशाखा यादव दिल्ली की निवासी हैं। वे यहां द्वारका की निवासी हैं। उनकी स्कूली शिक्षा भी यहीं से पूरी हुई है। बारहवीं के बाद जेईई मेंस परीक्षा पास करके दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय(डीटीयू) में दाखिला लिया था। यहां से उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री ली थी।
छोड़ दी लाखों की नौकरी
डीटीयू से ग्रेजुएशन करने के बाद विशाखा यादव को एक अच्छी जॉब ऑफर हुई और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। दो सालों तक यहां नौकरी भी की। हालांकि, उनका दिल तो सिविल सर्विसेज में लगा हुआ था। इसलिए उन्होंने जॉब छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू कर दी।
तीसरे प्रयास में हुई सफल
आईएएस विशाखा यादव ने जॉब छोड़कर पूरी तरह दिल अपना UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में लगा दिया था। हालांकि, यह उनके लिए इतना आसान नहीं था। कड़ी मेहनत के बावजूद वे दो बार प्रीलिम्स परीक्षा तक क्लीयर कर पाई। दोनों बार में ही वे पहले चरण में फेल गईं। हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। डटी रहीं। मेहनत करती रहीं। इसका नतीजा यह हुआ कि तीसरे प्रयास में उन्होंने परीक्षा में न केवल सफलता हासिल की बल्कि उन्होंने ऑल इंडिया 6वीं रैंक हासिल की थी।

