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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

काम पर जाओ, नहीं तो नौकरी गंवाओ

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Updated: Thu, 30 Jan 2014 08:22 AM (IST)

दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने धरना-प्रदर्शन करने वाले विभिन्न विभागों के ठेका कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे अपने काम पर लौट जाएं, अन्यथा ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [राज्य ब्यूरो]। दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने धरना-प्रदर्शन करने वाले विभिन्न विभागों के ठेका कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे अपने काम पर लौट जाएं, अन्यथा उन्हें निकाल दिया जाएगा और उनकी जगह पर दूसरे कर्मचारियों की नियुक्ति कर ली जाएगी।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को दो टूक कहा कि सरकार के विभिन्न महकमों में काम करने वाले ठेके के कर्मचारी, यदि अपने काम पर नहीं जाएंगे, तो उन्हें हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ठेके पर अस्थायी तभी रखे जाते हैं, जब किसी विभाग का काम प्रभावित हो रहा होता है। ऐसे में यदि ये कर्मचारी काम पर नहीं जाएंगे, तो काम प्रभावित होगा।

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शिक्षकों व डीटीसी कर्मियों को चेताया

शिक्षा मंत्री ने सचिवालय के बाहर धरना दे रहे अतिथि शिक्षकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि ये लोग स्कूलों में नहीं जाएंगे, तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इसी प्रकार डीटीसी में भी हड़ताल की वजह से बसों का परिचालन प्रभावित हो रहा है। ये लोग काम पर नहीं लौटे, तो इनकी जगह दूसरे कर्मचारी रखे जाएंगे। वहीं नौकरियों को पक्का करते समय इनकी जगह जो नए लोग रखे जाएंगे, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

समिति की रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई

सिसोदिया ने कहा कि सरकार पहले ही ठेके व अन्य अस्थायी कर्मियों को लेकर उच्चस्तरीय समिति का गठन कर चुकी है। उसकी रिपोर्ट पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि नौकरियों को पक्का करते समय उम्र व अनुभव में कुछ छूट देकर वर्तमान में काम कर रहे लोगों को सहूलियत दी जाएगी।

अब धरना व प्रदर्शन से हो रही परेशानी

दिलचस्प यह है कि खुद धरना व प्रदर्शन कर सत्ता में पहुंची आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्रियों को इन्हीं प्रदर्शनों से परेशानी होने लगी है। बता दें कि दिल्ली सरकार के विभिन्न स्कूलों में 13 हजार अतिथि शिक्षक काम कर रहे हैं। इन्होंने अपनी नौकरी पक्की करने की मांग को लेकर एक पखवाड़े से सचिवालय के समक्ष धरना दे रखा है।

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