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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पिछले 22 सालों में रेल दुर्घटनाओं में आई 90 प्रतिशत की कमी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने दी जानकारी

    By AgencyEdited By: Shashank Mishra
    Updated: Wed, 09 Aug 2023 11:25 PM (IST)

    केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि 2004 से 2014 तक ट्रेन दुर्घटनाओं का वार्षिक औसत 171 था। 2014 से 2023 में यह आंकड़ा काफी कम होकर 71 हादसे प्रति ...और पढ़ें

    2014 से 2023 तक ट्रेन दुर्घटनाओं के आंकड़े काफी कम होकर 71 हादसे प्रति वर्ष हो गए।
    2014 से 2023 तक ट्रेन दुर्घटनाओं के आंकड़े काफी कम होकर 71 हादसे प्रति वर्ष हो गए।

    नई दिल्ली, पीटीआई। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को कहा कि देश में ट्रेन दुर्घटनाओं की संख्या 2000-01 में 473 से घटकर 2022-23 में 48 हो गई है। पिछले 22 सालों में रेल दुर्घटनाओं में 90 प्रतिशत की कमी आई है। मुंडा ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि '2004 से 2014 तक ट्रेन दुर्घटनाओं का वार्षिक औसत 171 था। 2014 से 2023 में यह आंकड़ा काफी कम होकर 71 हादसे प्रति वर्ष हो गया।

    ट्रेन हादसों में आई भारी गिरावट

    पिछले 22 साल के आंकड़ों से पता चलता है कि ट्रेन हादसों की संख्या में भारी गिरावट आई है। 'मुंडा ने कहा कि रेलवे ने ट्रेन परिचालन की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई अहम उपाय किए हैं। इन कदमों में 2017-18 में राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष की शुरुआत भी शामिल है। मुंडा ने कहा कि पांच साल के लिए 1.08 लाख करोड़ रुपये के इस कोष से महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

    रेलवे द्वारा किए गए उपायों में 11,093 स्थानों पर समपार फाटकों की इंटरलाकिंग, इन फाटकों पर कड़ी सुरक्षा, 6,377 स्टेशनों पर ट्रैक सर्किटिंग और कोहरे से प्रभावित क्षेत्रों में लोको पायलटों के लिए जीपीएस आधारित कोहरा सुरक्षा उपकरण शामिल है।