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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Adani Row: सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज करेंगे अदाणी ग्रुप मामले की जांच? 17 फरवरी को होगी याचिका पर सुनवाई

    By AgencyEdited By: Manish Negi
    Updated: Wed, 15 Feb 2023 12:16 PM (GMT+05:30)

    अदाणी ग्रुप को लेकर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से कराए जाने की मांग की गई है। इस याचिका पर अदालत सुनवाई के लिए र ...और पढ़ें

    Adani Row: सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज करेंगे अदाणी ग्रुप मामले की जांच?
    Adani Row: सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज करेंगे अदाणी ग्रुप मामले की जांच?

    नई दिल्ली, एजेंसी। अदाणी ग्रुप पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस नेता की याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गया है। कोर्ट शीर्ष अदालत के मौजूदा न्यायाधीश की देखरेख में जांच की मांग करने वाली कांग्रेस नेता जया ठाकुर की एक नई याचिका पर 17 फरवरी को सुनवाई करेगी। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने माना कि याचिका पर सुनवाई की तत्काल जरूरत है।

    SBI, LIC की भूमिका की जांच की मांग

    दोनों जजों की बेंच ने शुरू में सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तारीख को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। हालांकि, जब वकील ने बताया कि 17 फरवरी को दो अन्य पीआईएल सूचीबद्ध हैं, तब अदालत ने तारीख बदली।

    बता दें कि जया ठाकुर ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा जनता का पैसा अदाणी एंटरप्राइजेज में निवेश करने पर उनकी भूमिका की जांच के लिए निर्देश देने की भी मांग की है।

    समिति गठन पर राजी केंद्र सरकार

    इससे पहले, सोमवार को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि शेयर बाजार के लिए नियामकीय तंत्र को और मजबूत करने के लिए शीर्ष कोर्ट की ओर से किसी समिति का गठन किया जाता है तो उसे आपत्ति नहीं है। केंद्र द्वारा कहा गया कि समिति के काम करने के दायरे व अधिकार का फैसला केंद्र सरकार को करने दें। वह समिति के लिए बंद लिफाफे में विशेषज्ञों के नाम सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी।

    बता दें कि कोर्ट ने पिछले शुक्रवार को बाजार नियामक सेबी और भारत सरकार से निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए बेहतर निगरानी तंत्र बनाने पर विचार मांगे थे। साथ ही भारतीय निवशकों को हुए भारी नुकसान पर चिंता जताई थी।

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