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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    G20 Summit: नीचे पुलिस की चौकसी, ऊपर वायुसेना का पहरा; जी20 के लिए जांबाजों ने कसी कमर, हर गतिविधि पर होगी नजर

    By Jagran NewsEdited By: Prince Sharma
    Updated: Thu, 31 Aug 2023 05:51 AM (IST)

    G20 Summit जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली में जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी रखी जाएगी। दिल्ली के आकाश में किसी भी संदिग्ध गतिविधि यूएवी या ड्रोन प ...और पढ़ें

    G20 Summit: नीचे पुलिस की चौकसी ऊपर वायुसेना का पहरा, जी20 के
    G20 Summit: नीचे पुलिस की चौकसी ऊपर वायुसेना का पहरा, जी20 के

    HighLights

    1. जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान आसमान पर रहेगा वायु सेना का पहरा
    2. लड़ाकू विमानों को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा

    नई दिल्ली, एएनआइ। जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली में जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी रखी जाएगी। हवाईअड्डे के संचालन में लगे एक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान पूरी तरह से सतर्क रहेंगे।

    दिल्ली के आकाश में किसी भी संदिग्ध गतिविधि, यूएवी या ड्रोन पर कड़ी नजर रखी जाएगी। सुरक्षा के लिए वायुसेना के लड़ाकू विमान अलर्ट मोड पर रहेंगे। इतना ही नहीं, भारतीय वायुसेना भी नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों को तैनात करने के साथ-साथ अपने हवाई चेतावनी प्रणालियों, राफेल समेत लड़ाकू विमानों को हाई अलर्ट पर रखेगी।

    मारक मिसाइल रहेंगी तैनात

    वायु सेना ने दिल्ली हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जिन वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों को तैनात किया है, उनमें मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एमआरएसएएम) भी शामिल है।

    यह 70-80 किलोमीटर की दूरी से लक्ष्य को मार गिरा सकती है। सम्मेलन में दुनिया भर से 50 से अधिक वीवीआइपी और सैकड़ों वीआइपी भाग लेंगे।

    हाल ही में, जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा को लेकर एक बैठक आयोजित की गई थी जिसमें भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण, नागरिक उड्डयन ब्यूरो, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और अन्य विभागों ने भाग लिया था, जहां यह निर्णय लिया गया था।

    वायुसेना रखेगी पहरा

    वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बैठक में हमने निर्णय लिया है कि नौ और 10 सितंबर को सम्मेलन के दौरान दिल्ली के ऊपर हवाई क्षेत्र की सुरक्षा का ध्यान भारतीय वायुसेना द्वारा रखा जाएगा। हवाई क्षेत्र और दिल्ली हवाई अड्डे की सुरक्षा से संबंधित सभी एजेंसियां समन्वय में काम करेंगी।

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    अधिकारी ने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल को जी 20 के दौरान हाई अलर्ट पर रहने और दिल्ली में प्रवेश करने वाली सभी उड़ानों के मार्गों पर बारीकी से नजर रखने का आदेश दिया गया है।

    इन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध

    किसी भी आपातकालीन स्थिति में उड़ान को चार हवाई अड्डों की ओर मोड़ दिया जाएगा जो आकस्मिक योजना का हिस्सा हैं। वहीं, मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली में नो-फ्लाई जोन और विशिष्ट उड़ान वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाते हुए एक नोटिस जारी किया है।

    इस दौरान पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हैंग ग्लाइडर, यूएवीएस, यूएएसएस, माइक्रोलाइट विमान, दूर से संचालित विमान, गर्म हवा के गुब्बारे जैसी चीजों को उड़ाना अवैध होगा।

    जी 20 के लिए हुई मोबाइल एप की शुरुआत

    पीएम के प्रधान सचिव ने तैयारियों का जायजा लियाप्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा ने बुधवार को जी-20 समन्वय समिति की नौवीं बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें समूह के आगामी शिखर सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लिया गया। बैठक के बाद पीएमओ ने एक बयान में कहा कि जी-20 के लिए पहली बार एक मोबाइल एप (जी-20 इंडिया) शुरू किया गया है।

    अब यह एंड्रायड और आइओएस दोनों पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। पीएमओ ने कहा कि जी-20 के प्रतिनिधि और मीडिया के सदस्य इनोवेशन हब और डिजिटल इंडिया एक्सपेरिमेंटल हब के माध्यम से डिजिटल इंडिया को प्रत्यक्ष रूप से देखेंगे, जिसे भारत मंडपम में बनाया जा रहा है।

    बैठक में इस बात पर गौर किया गया कि जी-20 की कुछ प्रमुख बैठकों की मेजबानी करने वाले भारत मंडपम में जमीनी कार्य की प्रगति संतोषजनक है।

    प्रोटोकॉल कारणों से पाबंदियां लगाई जा रही हैं

    बयान में कहा गया है कि विशिष्ट भारतीय अनुभव के लिए भारत मंडपम में संस्कृति और लोकतंत्र की जननी विषयों पर प्रदर्शनियां लगाई जा रही हैं। मिश्रा ने कहा कि सुरक्षा और प्रोटोकॉल कारणों से पाबंदियां लगाई जा रही हैं और यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए कि जनता को कम से कम असुविधा हो।