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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    देश के 95 शहरों की हवा हुईं साफ, वाराणसी समेत 21 सिटीज में सबसे अधिक सुधार; मंत्रालय ने जारी की रिपोर्ट

    Updated: Sun, 18 Aug 2024 11:50 PM (IST)

    वन एवं पर्यावरण मंत्रालय का दावा है कि देश के कई हिस्सों में हवाएं पहले के मुकाबले काफी साफ हुई है। मंत्रालय ने इसे लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। जिसके ...और पढ़ें

    वायु गुणवत्ता में सुधार, जारी हुई रिपोर्ट (फाइल फोटो)
    वायु गुणवत्ता में सुधार, जारी हुई रिपोर्ट (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जारी की रिपोर्ट, ग्रेटर मुंबई जैसे शहरों की हवा में सुधार
    2. 2017-18 के मुकाबले 2023-24 में पीएम 10 के स्तर में 40 प्रतिशत से अधिक का सुधार

    अरविंद पांडेय, नई दिल्ली। जहरीली हवाओं से भले ही अब भी लोगों का दम घुटता है लेकिन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय का दावा है कि देश के कई हिस्सों में हवाएं पहले के मुकाबले काफी साफ हुई है। मंत्रालय ने इसे लेकर एक रिपोर्ट भी जारी की है। जिसके तहत देश के 95 शहरों में वायु गुणवत्ता पहले के मुकाबले ठीक हुई है। इनमें से वाराणसी,लखनऊ, कानपुर, आगरा, बरेली, देहरादून, धनबाद व ग्रेटर मुंबई जैसे 21 शहरों में वायु गुणवत्ता में यह सुधार 40 प्रतिशत से भी अधिक हुआ है।

    राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत 131 शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार को लेकर छेड़े गए अभियान में जल्द ही बाकी शहरों में भी सुधार की उम्मीद जताई गई है। वायु गुणवत्ता में सुधार को लेकर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की यह रिपोर्ट वैसे तो राहत देने वाली है, लेकिन अगले महीने से खराब हवाओं का शुरू होना वाला दौर चिंताएं बढ़ाने वाला भी है। जिसमें दिल्ली-एनसीआर सहित समूचे उत्तर भारत की हवाएं जहरीली हो जाती है। लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है। हर साल सितंबर महीने से शुरू होने वाला यह दौर अगले साल जनवरी-फरवरी तक चलता है। इस दौरान वायु गुणवत्ता में सुधार के सभी दावे दम तोड़ देते है।

    कार्रवाई के लिए गठित की गई टीमें

    दीपावली के आसपास तो यह हवाएं बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच जाती है। खास बात यह है कि इस स्थिति में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकारें सक्रिय दिखती है और बैठकें भी होती है। वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई के लिए टीमें गठित की जाती है। इसके बाद जैसे ही स्थिति सामान्य होती है। सभी फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक देश के 21 शहरों में साल 2017-18 के मुकाबले 2023-24 में पीएम 10 के स्तर में 40 प्रतिशत से अधिक का सुधार हुआ है। इनमें वाराणसी, कानपुर, लखनऊ, बरेली, आगरा, मुरादाबाद , देहरादून और धनबाद जैसे शहर शामिल है।

    इन शहरों में 30 से 40 प्रतिशत के बीच हुआ सुधार

    वहीं 14 शहर ऐसे है, जिसमें वायु गुणवत्ता में 30 से 40 प्रतिशत के बीच सुधार हुआ है। इनमें गाजियाबाद, रायबरेली, अहमदाबाद, जोधपुर व कोलकाता आदि शहर शामिल है। इसके साथ ही 16 शहर ऐसे है जिसमें वायु गुणवत्ता में 20 से 30 प्रतिशत का सुधार दिखा है।

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    इनमें प्रयागराज, नोयडा, सूरत, रांची, गोरखपुर जैसे शहर शामिल है। मंत्रालय के मुताबिक 44 अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है, लेकिन यह सुधार 20 प्रतिशत से कम है। गौरतलब है कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने यह रिपोर्ट देश के उन 131 शहरों को ध्यान में रखते हुए जारी की है, जो राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में शामिल है।

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