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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बचपन में देखा था एअरशो, विमान की स्पीड और आवाज से हो गया प्यार; जानें कैसे शुभांशु शुक्ला ने अपने सपने को किया साकार

    Updated: Thu, 26 Jun 2025 08:51 AM (IST)

    लखनऊ में जन्मे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। 2019 में गगन ...और पढ़ें

    अंतिरक्ष में जाने वाले भारतीय शुभांशु शुक्ला (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

    अंतिरक्ष में जाने वाले भारतीय शुभांशु शुक्ला (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में जन्मे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट पर सवार होकर आंतरिक्ष के लिए निकले थे। वे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।

    शुभांशु को लोग शक्स के नाम से भी बुलाते हैं और उनके बचपन से जुड़ी बात का उनकी बहन शुची शुक्ला ने खुलासा किया है। उनकी बहन ने बताया कि बचपन में शुभांशु एक एअर शो देखने गए थे।

    इसी के बाद से शुभांशु विमानों की गति और ध्वनि से मोहित हो गए। एअर शो देखने के बाद ही उनके मन में आसमान में उड़ने का सपना आ गया था। हालांकि, उस वक्त कोई नहीं जानता था कि वो अपना सपना इतनी जल्दी पूरा कर लेंगे।

    2019 में गगनयान के लिए हुआ था चयन

    शुभांशु शुक्ला को 2019 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक के रूप में चुना है। उन्होंने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में 2019 से लेकर 2021 तक ट्रेनिंग भी ली है।

    इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 फरवरी 2024 को शुभांशु शुक्ला को अंतरिक्ष यात्री विंग्स भी दिए थे। वायुसेना में शुभांशु शुक्ला को विभिन्न लड़ाकू विमानों को 2 हजार घंटों से अधिक उड़ाने का अनुभव हासिल है।

    कौन हैं शुभांशु शुक्ला की हमसफर?

    अंतरिक्ष मिशन पर जाने से पहले शुभांशु शुक्ले ने एक संदेश भी दिया था। उन्होंने कहा, "हम 25 जून की सुबह जल्दी ही इस ग्रह को छोड़ने की योजना बना रहे हैं, इसलिए मैं इस मिशन में शामिल सभी लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और साथ ही घर पर मौजूद सभी लोगों को उनके आशीर्वाद और प्यार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।"

    शुभांशु की पत्नी डॉक्टर कामना शुक्ला पेशे से एक डेंटिस्ट हैं। वह शुंभाशु की स्कूल से दोस्त है। स्कूल के पढ़ाई के दौरान ही दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा। हालांकि पारिवारिक सहमति से उनकी शादी भी हो गई।

    स्कूल में दोनों थे दोस्त

    कामना शुक्ला और शुभांशु शुक्ला प्राइमरी क्लास के स्कूली दिनों से ही साथ हैं। कामना ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि क्लास 3 से दोनों ने साथ पढ़ाई की और फिर वे करीबी दोस्त बन गए। कामना ने बताया कि शुभांशु बेहद शर्मीले, शांत रहने वाले शख्स हैं। वो बेहद विनम्र और मृदुभाषी हैं। कामना ने एक इंटरव्यू में कहा था कि शुभांशु का पहला प्यार हमेशा से आसमान रहा है।

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