यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा: Article 370 हटाने का विरोध करने वाले सांसद अकबर लोन पाकिस्तान समर्थक
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरुद्ध दायर याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है। इस बीच राज्य के गैर सरकारी संगठन रूट्स इन कश् ...और पढ़ें

HighLights
- अनुच्छेद 370 पर सुनवाई में रूट्स इन कश्मीर ने अतिरिक्त हलफनामा दाखिल कर रखा तथ्य
- नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लगाया था पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के विरुद्ध दायर याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में सुनवाई चल रही है। इस बीच राज्य के गैर सरकारी संगठन रूट्स इन कश्मीर ने अतिरिक्त हलफनामा दाखिल कर मामले के याचिकाकर्ता और नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद मो. अकबर लोन को गंभीर आरोपों के कठघरे में खड़ा किया है।
'पाकिस्तान समर्थक हैं सांसद लोन'
उन्होंने आरोप लगाया है कि याचिकाकर्ता सांसद लोन पाकिस्तान समर्थक हैं और अनुच्छेद 370 बहाल करवाकर पाकिस्तान के समर्थन में ही फिर से लकीर खींचना चाहते हैं। रूट्स इन कश्मीर की ओर से अतिरिक्त हलफनामा दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से इन तथ्यों को सुनवाई में शामिल करने का अनुरोध किया है।
इस याचिका में कहा गया है कि लोन 2002 से 2018 के बीच जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सदस्य रहे हैं। उसी दौरान उन्होंने सदन में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे। मो. अकबर लोन ने न सिर्फ इस कृत्य के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया था, बल्कि यह भी कहा था कि जो पाकिस्तान को गाली देगा, उसे मैं गाली दूंगा। इसके साथ ही खुद को भारतीय कहलाए जाने में भी संकोच था।

अतिरिक्त हलफनामे में आरोप लगाया गया है कि सांसद लोन पाकिस्तान समर्थक अलगाववादियों के समर्थक रहे हैं और अपनी सभाओं से भी वह पाकिस्तान के समर्थन में विचारों को प्रसारित करते रहे हैं। भारत को कई बार घाव देने वाले पाकिस्तान के पक्ष में खड़े रहने वाले लोन फिर से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल करवाकर पाकिस्तान में समर्थन में रेखा खींचना चाहते हैं।
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पांच सदस्यीय संविधान पीठ कर रही सुनवाई
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरुद्ध याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ सुनवाई कर रही है। गौरतलब है कि कोर्ट में लोन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता व कांग्रेस काल में कानून मंत्री रहे कपिल सिब्बल पैरवी कर रहे हैं।