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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    साल में एक लाख रुपये, 10 किलो मुफ्त अनाज, नौकरियां... अखिलेश और तेजस्वी भी अपनी रैलियों में कर रहे कांग्रेस के चुनावी वादों का इस्तेमाल

    Updated: Sun, 19 May 2024 11:00 PM (GMT+05:30)

    Lok Sabha Election 2024 कांग्रेस के बड़े वादों को सपा राजद झामुमो से लेकर शिवसेना यूबीटी जैसी पार्टियों के नेता न केवल चुनावी सभाओं में इसे आइएनडीआइए ...और पढ़ें

    कांग्रेस के चुनावी वादों का आइएनडीआइए गठबंधन अपने प्रचार में कर रही भरपूर उपयोग (जागरण ग्राफिक्स)
    कांग्रेस के चुनावी वादों का आइएनडीआइए गठबंधन अपने प्रचार में कर रही भरपूर उपयोग (जागरण ग्राफिक्स)

    संजय मिश्र, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए अब दो चरणों के बाकी बचे प्रचार में सियासी मुद्दों की गरमागरमी के बीच विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए में शामिल कांग्रेस के कई सहयोगी दल उसके चुनाव घोषणापत्र में किए वादों को अपने प्रचार अभियान के दौरान जोर-शोर से उठाने से परहेज नहीं कर रहे।

    महालक्ष्मी योजना के तहत गरीब महिलाओं को एक लाख रुपए सालाना, युवाओं को अप्रेंटिसशिप अधिकार के साथ एक साल के लिए एक लाख रुपए तो केंद्र सरकार की नौकरियों में खाली 30 लाख पदों को सरकार में आते ही भरने की प्रक्रिया शुरू करने के कांग्रेस के बड़े वादों को सपा, राजद, झामुमो से लेकर शिवसेना यूबीटी जैसी पार्टियों के नेता न केवल चुनावी सभाओं में इसे आइएनडीआइए गठबंधन के वादे के रूप में पेश कर रहे बल्कि इन घोषणाओं पर भाजपा के हमले पर जवाबी पलटवार भी कर रहे हैं।

    भाजपा पर निशाना साधते नजर आ रहे हैं कांग्रेस के सहयोगी

    कांग्रेस के चुनावी वादों की सबसे नई सूची में शामिल गरीबों को 10 किलो मुफ्त अनाज देने के ताजा एलान को भी उसके सहयोगी दलों ने हाथोंहाथ लपक लिया है। राजद से लेकर शिवसेना यूबीटी के नेताओं ने इस वादे का पूरा समर्थन करते हुए भाजपा के इस पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज कर दिया है। ऐसे वादों से देश के आर्थिक संकट में घिरने से लेकर दिवालिया होने के पीएम मोदी के आरोपों को खारिज करने में कांग्रेस के सहयोगी उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर भाजपा पर निशाना साधते नजर आ रहे हैं।

    भाजपा की यह सोच ही दर्शाती है कि वह किसकी हितैषी है

    राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने सत्ताधारी दल के नेतृत्व की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपए का बैंकों का कर्ज माफ कर देती है तो इससे देश पर आर्थिक संकट नहीं आता। मगर गरीब महिलाओं के खाते में साल में एक लाख रुपए दिया जाएगा तो अर्थव्यवस्था के लिए संकट खड़ा हो जाएगा भाजपा की यह सोच ही दर्शाती है कि वह किसकी हितैषी है। गरीबों को 10 किलो मुफ्त राशन देने के वादे का तेजस्वी यादव भी समर्थन कर रहे हैं।

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    भाजपा पर हमले कर रहे हैं राहुल और अखिलेश 

    समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी केंद्र में 30 लाख नौकरियों की भर्ती, अग्निवीर योजना बंद करने से लेकर महालक्ष्मी योजना का अपनी चुनावी सभाओं में प्रत्यक्ष या परोक्ष जिक्र करने से गुरेज नहीं कर रहे। महिलाओं और अप्रेंटिसशिप करने वाले युवाओं के खाते में सालाना एक लाख रुपए ट्रांसफर करने के राहुल गांधी के खटाखट-खटाखट शब्द का तो अखिलेश अपनी चुनावी सभाओं में भरपूर इस्तेमाल कर भाजपा पर हमले कर रहे हैं।

    महाराष्ट्र में चुनावी पारा चरम पर है

    महाराष्ट्र में चुनावी पारा चरम पर है जहां शिवसेना यूबीटी के नेता उद्धव ठाकरे अपनी सभाओं में कांग्रेस के इन बड़े वादों को आइएनडीआइए के वादे के रूप में पेश करते हुए इन्हें देश के समग्र विकास से जोड़ रहे हैं। वहीं उनकी पार्टी के मुखर नेता संजय राऊत और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी न केवल कांग्रेस के वादों की सार्वजनिक तरफरदारी कर रहे बल्कि भाजपा पर आक्रामक पलटवार करने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं।

    राहुल गांधी के चुनावी एलानों का समर्थन कर रही है NCP

    शरद पवार की एनसीपी तो खुलकर राहुल गांधी के चुनावी एलानों का समर्थन कर रही है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सीधे तौर पर भले कांग्रेस के वादों का जिक्र करने से बच रहीं मगर अग्निवीर भर्ती बंद करने से लेकर नौकरी-रोजगार देने जैसे उसकी घोषणाओं को अपने चुनावी वादों में शामिल किया है। 

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