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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्या है व्हाट्सएप डीपी फ्रॉड, एक शख्स से 4.4 करोड़ की ठगी, कैसे खुद को बचाएं आप?

    Updated: Fri, 14 Feb 2025 10:55 AM (IST)

    व्हाट्सएप डीपी के माध्यम से लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। छोटी सी गलती बड़ा जख्म दे जाती है। ऐसे में हर व्यक्ति को सतर्क रहने की ...और पढ़ें

    व्हाट्सएप डीपी फ्रॉड से सावधान। ( सांकेतिक फोटो )
    व्हाट्सएप डीपी फ्रॉड से सावधान। ( सांकेतिक फोटो )

    HighLights

    1. मुंबई में एक कंपनी के कर्मचारी से हुई बड़ी धोखाधड़ी।
    2. कार्यकारी निदेशक के नाम पर ठग ने बनाया निशाना।
    3. तीन खातों में ट्रासफर करवा ली 4.4 करोड़ की रकम।

    डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई में एक बड़ी कंपनी के अधिकारी से करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। जालसाज ने व्हाट्सएप डीपी के माध्यम से यह रकम ऐंठी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ठग ने एक अज्ञात नंबर पर कंपनी के कार्यकारी निदेशक की फोटो का इस्तेमाल किया।

    इसके बाद कंपनी के कर्मचारी से पैसे ट्रांसफर करने को कहा। डीपी की वजह से कर्मचारी को विश्वास हो गया। मगर जब वाउचर के लिए कार्यकारी निदेशक को कॉल किया तो पैरों तले जमीन खिसक गई।

    खराब इंटरनेट का दिया हवाला

    धोखाधड़ी का शिकार हुई कंपनी इंजीनियरिंग और मशीन निर्माण के काम से जुड़ी है। ठग ने कंपनी के कर्मचारी को कहा कि वह बिजनेस दौरे पर है। यहां खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी है। इस वजह से नया नंबर का उपयोग करना कर रहा है। मेरा नंबर सेव कर लीजिए।

    व्हाट्सएप की डीपी पर कार्यकारी निदेशक की फोटो लगी थी। मगर असल में वह ठग था। कर्मचारी यह समझ नहीं पाया। ठग पर विश्वास करके 4.4 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    जनवरी में आया था मैसेज

    टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक कर्मचारी ने 4.4 करोड़ रुपये की रकम को 3 बैंक खातों में ट्रांसफर किया। 4 फरवरी को कंपनी ने एक केस दर्ज कराया। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है। कर्मचारी के पास मैसेज 7 जनवरी को व्हाट्सएप पर आया था।

    ठग ने कर्मचारी को कार्यकारी निदेशक के तौर पर नबंर सेव करने को भी कहा था। जानकारी के मुताबिक उन दिनों कंपनी के निदेशक नई दिल्ली से अहमदाबाद की यात्रा पर थे। इस वजह से भी मैसेज पर कर्मचारी का विश्वास अधिक बढ़ गया था।

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    तीन खातों में डालवाई रकम

    • ठग ने अहम बिजनेस डील के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की। उसने अग्रिम भुगतान के नाम पर सबसे पहले 2.6 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवाए।
    • इसके बाद आरोपी ने 1.8 करोड़ रुपये की मांग की। कर्मचारी ने यह रकम भी विश्वास में आकर ट्रांसफर कर दी। रकम दो अलग-अलग खातों में भेजी गई।
    • कुछ दिन बाद कर्मचारी ने भुगतान के वाउचर के संबंध में कार्यकारी निर्देश को कॉल किया। तब उन्होंने कहा कि मैंने कभी पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहा।
    • ठगी का खुलासा होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने केस दर्जकर जांच शुरू की।

    ऐसे रहें सावधान

    अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर पैसे की मांग करता है तो सतर्क रहें। सबसे पहले जांच करें की वह असल शख्स है या नहीं। उसके नंबर पर कॉल करें। अगर नंबर बदला है तो उसके अन्य दोस्तों या परिवार से भी जानकारी ले सकते हैं। बदले और अनजान नंबर से आने वाली कॉल्स से बचे। इन दिनों जालसाल कंपनी के निदेशकों की फोटो लगाकर ठगी को अंजाम देने में जुटे हैं।

    कंपनी के किसी कर्मचारी से धन का लेनदेन आधिकारिक बैंक खाते या ईमेल के माध्यम से करें। ईमेल की भी जांच करें। कुछ भी संदिग्ध लगने पर बिल्कुल सावधान रहें। लेनदेन से बचें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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