विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

15 मिनट में 2 घंटे का सफर, समुद्र पर बने देश के सबसे लंबे पुल का उद्घाटन; इंजीनियरिंग का नायाब नमूना है अटल सेतु

Updated: Fri, 12 Jan 2024 04:27 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे पुल अटल सेतु का लोकार्पण कर दिया है। मालूम हो कि पीएम मोदी ने दिसंबर 2016 में इस पुल की आधारशिला रखी थी। दर ...और पढ़ें

रोजाना चलेगा 70 हजार से अधिक गाड़ियों का ट्रैफिक
रोजाना चलेगा 70 हजार से अधिक गाड़ियों का ट्रैफिक

HighLights

  1. इस पुल में सबसे उन्नत ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है।
  2. यह 21 हजार करोड़ रुपये की परियोजना है।
  3. इस परियोजना में 10 देशों के विषय विशेषज्ञों ने योगदान है।

ऑनलाइन डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार यानी आज देश के सबसे लंबे पुल का उद्घाटन कर इसे जनता को सौंप दिया है। इस 22 किलोमीटर लंबे पुल के जरिए महज 15 मिनट में मुंबई से नवी मुंबई की दूरी तय की जा सकेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे पुल 'अटल सेतु' का लोकार्पण किया। मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक (MTHL) को 'अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु' नाम दिया गया है। मालूम हो कि पीएम मोदी ने दिसंबर 2016 में इस पुल की आधारशिला रखी थी। दरअसल, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर इसका नाम अटल सेतु रखा गया है।

देश के सबसे लंबे पुल की खासियत

  • अटल ब्रिज देश का सबसे लंबा समुद्री ब्रिज होगा, जिसकी लंबाई 21.8 किलोमीटर होगी। इस पुल का 16.5 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के ऊपर और 5.5 किलोमीटर हिस्सा जमीन के ऊपर बना हुआ है। ये 6 लेन वाला रोड ब्रिज है।
  • यह ब्रिज मुंबई से नवी मुंबई को आपस में जोड़ेगा, जिससे दो घंटे के सफर को लगभग 15 मिनट में पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, पुणे, गोवा और दक्षिण भारत का सफर भी कम समय में पूरा हो सकेगा।

  • इस पुल को बनाते हुए सुरक्षा को भी मद्देनजर लिया गया है। जिसके बाद इस पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले 190 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
  • दुनिया का 12वां सबसे लंबा समुद्र पर बना पुल भी है, जो 17 हजार 840 करोड़ रुपये में बनकर तैयार हुआ है।

  • सिक्स लेन वाले इस ब्रिज पर रोजाना 70 हजार से अधिक गाड़ियों का ट्रैफिक चल सकता है। पुल पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे फर्राटा रफ्तार से गाड़ियां दौड़ेंगी, जिससे घंटों का सफर मिनटों में तय होगा।
  • इस पुल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एफिल टावर की तुलना में 17 गुना अधिक स्टील लगा है और कोलकाता के हावड़ा ब्रिज से चार गुना स्टील का इस्तेमाल किया गया है।

  • इस पुल के निर्माण में जो कंक्रीट इस्तेमाल किया गया है, वह अमेरिका के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से छह गुना ज्यादा है।
  • इस अटल पुल के निर्माण में लगभग 177,903 मीट्रिक टन स्टील और 504,253 मीट्रिक टन सीमेंट का उपयोग किया गया है।

  • अटल सेतु इतना मजबूत है कि इस पर भूकंप, उच्च ज्वार और तेज हवाओं के दबाव का असर नहीं होगा।
  • इस पुल का निर्माण एपॉक्सी-स्ट्रैंड्स वाले विशेष मैटेरियल से किया गया है, जिनका उपयोग परमाणु रिएक्टरों के निर्माण के लिए किया जाता है।

यह भी पढ़ें: Atal Setu: एफिल टॉवर से 17 गुना ज्यादा स्टील के इस्तेमाल से बना है देश का सबसे लंबा पुल अटल सेतु, जानें क्या हैं इसकी खासियत

यह भी पढ़ें: Vivekananda Jayanti 2024: PM मोदी सहित कई विपक्षी नेताओं ने भी विवेकानंद की जन्मतिथि पर शुभकामनाएं, बोले- राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर शत-शत नमन