SIR से खौफ में बांग्लादेशी घुसपैठिए, हावड़ा के बंगालपाड़ा में अधिकांश घरों में लटके ताले
हावड़ा के बंगालपाड़ा में SIR की कार्रवाई के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों में दहशत का माहौल है। डर के कारण इलाके ...और पढ़ें

बंगाल में एसआइआर से बांग्लादेशी घुसपैठियों के घरों में लटके ताले।
HighLights
SIR कार्रवाई से बांग्लादेशी घुसपैठियों में दहशत
हावड़ा के बंगालपाड़ा में अधिकांश घरों में ताले
पुलिस और SIR की इलाके में लगातार जांच
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता : बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के डर से राज्य से बांग्लादेशी घुसपैठियों के भागने की रफ्तार तेज होती जा रही है। इस क्रम में हावड़ा जिले के केशवपुर इलाके में, जो बंगालपाड़ा के नाम से जाना जाता है, अधिकांश घरों में ताले लटक गए हैं। कथित तौर पर यहां रहने वाले 80 प्रतिशत लोग बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक इनके पास वैध कागजात नहीं हैं। यही कारण है कि एसआइआर लागू होते ही ये लोग यहां से घर छोड़ कर चले गए हैं।
बता दें कि एसआइआर के डर से राज्य के उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा समेत कई जिलों के विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस जाते हुए देखा जा रहा है। हावड़ा जिले के डोमजूर विधानसभा क्षेत्र के केशवपुर इलाके (बंगालपाड़ा) से बांग्लादेशी घुसपैठिए लगातार भाग रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक राज्य में एसआइआर की प्रक्रिया शुरू होने से पहले से ही यहां से घुसपैठियों का भागना शुरू हो गया था। पिछले कुछ दिनों में यहां तेजी से लोग अपने घरों में ताला लगाकर चले जा रहे हैं। इसका नतीजा है कि यहां के अधिकांश घरों में ताले लटक गए हैं। पूरा इलाका सुनसान हो गया है।
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि घुसपैठियों ने लगभग 15 साल पहले तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ही यहां बसना शुरू कर दिया था। अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले इन बांग्लादेशियों के पास वैध कागजात नहीं है। इन्हें डर है कि मतदाता सूची में नाम कटने पर इन्हें बंगाल छोड़नापड़ेगा अथवा हिरासत शिविर में भेज दिया जाएगा। इसी लिए इन्होंने यहां से भागना शुरू कर दिया है।
सीमा पर इकठ्ठा हो रहे सैकड़ों बांग्लादेशी
बंगाल में उत्तर 24 परगना में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बड़ी संख्या में घुसपैठिए वापस जाने के पिछले कुछ दिनों से समूह में लगातार इकठ्ठा हो रहे हैं। इनकी संख्या सैकड़ों में है। जिसके चलते सीमा अभी घुसपैठियों से भरी पड़ी है। ये लोग किसी तरह अपने देश वापस लौटना चाहते हैं।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी ने बताया कि हाल के सप्ताहों में विशेषकर उत्तर 24 परगना और मालदा जिलों में भारत-बांग्लादेश सीमा के बिना बाड़ वाले इलाकों के जरिए अवैध तरीके से वापस लौटने की कोशिश करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या में बड़ी वृद्धि देखी गई है।
ये घुसपैठिए इंतजार कर रहे हैं कि कब उन्हें सीमा पार कर वापस जाने की अनुमति दी जाएगी अथवा बीएसएफ बीजीबी (बार्डर गार्ड बांग्लादेश) को उन्हें सौंपेगा। उनका कहना है कि वे भारत के नागरिक नहीं हैं, लेकिन उनके पास आधार कार्ड, वोटर कार्ड जैसे दस्तावेज हैं।
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