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भाखड़ा नंगल बांध सुरक्षित, संसदीय समिति को बीबीएमबी ने दी जानकारी

Published: Tue, 08 Sep 2026 02:00 AM (IST)Updated: Tue, 08 Sep 2026 04:48 AM (IST)

भाखड़ा नंगल बांध सुरक्षित है, यह जानकारी भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अध्यक्ष ने संसदीय स्थायी समिति को दी।

भाखड़ा नंगल बांध सुरक्षित।   (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

भाखड़ा नंगल बांध सुरक्षित। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

HighLights

  1. भाखड़ा नंगल बांध पूरी तरह सुरक्षित, बीबीएमबी ने पुष्टि की।

  2. संसदीय समिति ने बांध सुरक्षा और ऑडिट पर चर्चा की।

  3. बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा पर जोर।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भाखड़ा नंगल बांध सुरक्षित है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अध्यक्ष ने संसदीय स्थायी समिति को यह जानकारी दी है। समिति के अध्यक्ष श्रीरंग अप्पा चंदू बारने ने सोमवार को बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समिति ने बांध की सुरक्षा को लेकर सवाल पूछे और इसके आडिट की जरूरत पर भी चर्चा की।

बारने ने बताया कि सदस्यों ने खास तौर पर पहले सामने आई आशंकाओं के संदर्भ में बांध की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा आकलन के बारे में जानकारी मांगी थी। बीबीएमबी अध्यक्ष ने समिति को बांध के सुरक्षित होने का भरोसा दिलाया।

बैठक में नेपाल में हाल में आई अचानक बाढ़ का मुद्दा भी उठा। समिति के सदस्यों ने पूछा कि क्या इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से भारत में भी इसी तरह के जोखिम पैदा हो सकते हैं। बारने के मुताबिक, सदस्यों ने कई सवाल उठाए और संबंधित अधिकारियों ने उन्हें आवश्यक जानकारी दी।

संसदीय स्थायी समिति की बैठक में बिजली क्षेत्र के वैधानिक निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थानों की भूमिका तथा आत्मनिर्भर बिजली क्षेत्र की दिशा में हुई प्रगति पर चर्चा की गई। मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ बीबीएमबी ने समिति के सामने अपनी जानकारी और प्रगति का ब्योरा रखा।

जलविद्युत और सौर ऊर्जा पर जोर

बारने ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद बिजली क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि जलविद्युत क्षेत्र में कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं और सौर ऊर्जा क्षमता में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में चीन समेत दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। देश में कई कंपनियां इस क्षेत्र में आई हैं और विभिन्न राज्यों में सौर परियोजनाएं शुरू हुई हैं।

बारने ने कहा कि भारत ने सौर ऊर्जा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इसके साथ ही सरकार पवन ऊर्जा और अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने पर भी काम कर रही है।

(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)