यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जल्द ही चीन के बाद दूसरे सबसे लंबे मेट्रो नेटवर्क वाला देश बनेगा भारत, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का दावा
संसदीय सलाहकार समिति की शुक्रवार को बैठक हुई। इस दौरान शहरी परिवहन पर कई सवाल उठे। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मेट्रो की प्र ...और पढ़ें

HighLights
- संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में उठे शहरी परिवहन पर सवाल
- केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा- मेट्रो की प्रगति उल्लेखनीय
- जल्द ही दूसरे सबसे लंबे नेटवर्क वाला देश बनेगा भारत: पुरी
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि शहरी परिवहन की मुख्य कड़ी बनकर उभरी मेट्रो के विस्तार की गति उल्लेखनीय है और देश जल्द ही दुनिया में दूसरे सबसे लंबे नेटवर्क वाला देश बन जाएगा।
सदस्यों ने उठाए कई सवाल
मंत्रालय से संबद्ध संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में सदस्यों की ओर से शहरी परिवहन को लेकर उठे सवालों के जवाब देते हुए पुरी ने कहा कि मौजूदा समय में देश के 20 शहरों में मेट्रो की सेवा कुल 874 किलोमीटर लंबाई में ऑपरेशनल है और तमाम शहरों में लगभग 986 किलोमीटर के रूट पर कार्य चल रहा है। इसकी मदद से देश चीन के बाद सबसे लंबे नेटवर्क वाला देश बन जाएगा।
बैठक का विषय क्या था?
बैठक का विषय शहरी परिवहन था। सांसदों ने बैठक के दौरान अर्बन मोबिलिटी को लेकर कई सवाल उठाए, जिनमें खास तौर पर उनके अपने संसदीय क्षेत्रों और राज्यों में मेट्रो परियोजनाओं को लेकर प्रश्न शामिल थे। इसके साथ ही लास्ट माइल कनेक्टिविटी, सुगम यात्रा, यात्रियों की सुविधा और मेट्रो परियोजनाओं के विस्तार से जुड़े मुद्दे भी उठे।
रमेश बिधूड़ी भी बैठक में हुए शामिल
इस बैठक में भाजपा के लोकसभा सदस्य रमेश बिधूड़ी भी शामिल हुए, जो हाल में सदन के भीतर विवादित टिप्पणियों के कारण अनुशासन समिति की कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। समिति के अन्य सदस्यों में तिरु एकेपी चिनराज, एमवीवी सत्यनारायण, श्रीकांत एकनाथ शिंदे, अबीर रंजन बिस्वास, वंदना चह्वाण शामिल हैं।
मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अर्बन ट्रांसपोर्ट के विशेष कार्याधिकारी जयदीप ने शहरी परिवहन को लेकर विस्तृत प्रजेंटेशन समिति के सदस्यों के समक्ष किया। इसमें मेट्रो नेटवर्क के चरणबद्ध विकास का विवरण दिया गया। बैठक के दौरान सदस्यों को वन नेशन वन कार्ड की योजना की जानकारी दी गई।
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2019 में लॉन्च हुआ वन नेशन वन कार्ड
यह स्वदेशी राष्ट्रीय कामन मोबिलिटी कार्ड प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मार्च 2019 में लांच किया गया है। इसका उद्देश्य मेट्रो, रेल, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को व्यवधान रहित सफर की सुविधा प्रदान करना है। यह कार्ड रिटेल शॉपिंग, रेस्तरां, एटीएम, पेट्रोल-डीजल भरवाने, पार्किंग आदि के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
अभी मेट्रो रेल कंपनियों में इसका सबसे अधिक इस्तेमाल है, लेकिन कुछ राज्य सड़क परिवहन निगम भी एनसीएमसी इकोसिस्टम अपनाने के लिए आगे आए हैं, जिनमें कदंबा ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन, गोवा, बेस्ट अंडरटे¨कग, मुंबई और हरियाणा रोडवेज शामिल हैं।

