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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

असम हुआ कांग्रेस मुक्त, बंगाल में ममता का जादू

By Atul GuptaEdited By:
Updated: Thu, 19 May 2016 07:08 PM (IST)

रुझानों के मुताबिक असम में कमल का फूल खिल चुका है। वहीं पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने जबरदस्त वापसी की है। पीएम ने विजयी नेताओं को ट्वीट कर शुभकामना दी।

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गुवाहाटी/ कोलकाता। पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव के रुझान सामने आ चुके हैं। इवीएम से निकल रहे मतों से ये साफ हो चुका है कि कांग्रेस औंधे मुंह गिर चुकी है। असम और केरल में जनता ने कांग्रेस शासन को नकार दिया है। वहीं तमिलनाडु और बंगाल में कांग्रेस का गठबंधन रायटर्स बिल्डिंग और चेन्नई की गद्दी से कोसों दूर जा चुका है।

असम में भाजपा की शानदार जीत पीएम ने सर्वानंद सोनोवाल को बधाई दी। पीएम ने कहा कि असम के विकास के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की दोबारा वापसी करने पर पीएम ने उनसे बात की और शुभकामना दी। पीएम की शुभकामना संदेश पर दीदी ने उन्हें धन्यवाद कहा।

वहीं तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की शानदार कामयाबी पर भी पीएम ने उन्हें बधायी दी।

विधानसभा चुनावों में भाजपा की कामयाबी पर गृहराज्य मंत्री ने कहा कि भाजपा की जीत की शुरुआत हो चुकी है। अब इसके बाद देश में जहां कहीं भी चुनाव होंगे कांग्रेस का सफाया हो जाएगा।

असम में भाजपा गठबंधन ने कांग्रेस का सफाया कर दिया है। कमल का फूल खिल चुका है। सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में भाजपा गठबंधन की सरकार बनना अब तय है। वहीं मां, माटी और मानुष का नारा बुलंद करने वाली ममता बनर्जी बंगाल की सत्ता में वापसी करती नजर आ रही हैं। रुझानों के मुताबिक ममता बनर्जी ने बहुमत हासिल कर लिया है। पश्चिम बंगाल में दीदी ने एक तरह से क्लीन स्वीप कर दिया है। लेफ्ट गठबंधन दहाई के आंकड़े में ही सिमट कर रह गयी है।

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असम के रुझानों पर नजर

रुझानों के मुताबिक भाजपा 72, कांग्रेस 31, एआइयूडीएफ 14 और अन्य 6 सीटों पर आगे चल रहे हैं। माजुली सीट से भाजपा के सीएम उम्मीदवार सर्वानंद सोनोवाल आगे चल रहे हैं। मुख्यमंत्री तरुण गोगोई भी आगे चल रहे हैं। एआइयूडीएफ के मुखिया बदरुद्दीन अजमल खुद पीछे चल रहे हैं।असम चुनाव के दूसरे चरण में मुस्लिम वर्ग ने भी भाजपा में अपना भरोसा दिखाया है। अगर बात की जाए मुस्लिम बहुल सीटों की तो वहां भी भाजपा के पक्ष मे वोट पड़े हैं। आपकों बतां दे कि असम में 34 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं। 34 सीटें ऐसी हैं जहां बांग्लादेशी इमिग्रेंट्स का दबदबा है जिन्हें अब इंडियन सिटिजनशिप मिल चुकी है।' ऐसे में बीजेपी नेता हिमंत विश्वा के बयान ने इन सीटों पर भाजपा के प्रति भरोसा कायम करने मे अहम भूमिका निभाई है। हिमंत विश्वा ने बयान दिया था कि अगर इस बार उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वो 1951 से बाद और 1971 से पहले बांग्लादेश से आए मुस्लिमों को सिटिजनशिप देंगे। हिमंत विश्वा के इस बयान ने बांग्लादेशी इमिग्रेंट्स सीटों पर भाजपा के पक्ष में मतदान कराने में अहम भूमिका निभाई है।

पश्चिम बंगाल के रुझानों पर नजर

रुझानों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में टीएमसी टीएमसी 214 सीटों पर आगे बढ़त बनाए हुई है। लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन 69 सीटों पर जबकि भाजपा 7 सीट पर आगे चल रही है। पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे के कई दिग्ग्जों को हार का सामना करना पड़ा है। उत्तर हावड़ा से भाजपा की उम्मीदवार टीएमसी उम्मीदवार लक्ष्मी रतन शुक्ला से चुनाव हार गयी हैं। जीत के बाद ममता बनर्जी ने विक्ट्री का वी साइन दिखाते हुए जीत का श्रेय बंगाल की जनता को दिया। दीदी ने कहा कि ये आम जनता की जीत है। इस चुनाव में विरोधी फेल हुए हैं। मेरे खिलाफ झूठा प्रचार किया गया।अब तक आए रुझानों में जीत के बाद ममता बनर्जी मीडिया के सामने आईं और जीत के जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हम क्षेत्रीय पार्टी हैं, हमारा प्रभाव क्षेत्र बहुत छोटा है।

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