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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भाजपा को पिछली बार से सिर्फ एक फीसद वोट कम मिला

By Sudhir JhaEdited By:
Updated: Tue, 10 Feb 2015 06:02 PM (IST)

इस विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा उसे 70 में से सिर्फ तीन सीटों पर ही जीत हासिल हुई। लेकिन इस करारी हार में भी एक बात उसे राहत देने वाली है उसके मतदाता पार्टी से छिटके नहीं हैं। इस बार भाजपा को 32.2 फीसद

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नई दिल्ली। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा उसे 70 में से सिर्फ तीन सीटों पर ही जीत हासिल हुई। लेकिन इस करारी हार में भी एक बात उसे राहत देने वाली है उसके मतदाता पार्टी से छिटके नहीं हैं। इस बार भाजपा को 32.2 फीसद वोट मिले हैं, जो पिछली विधानसभा चुनाव की तुलना में सिर्फ एक फीसद कम हैं। 2013 में विधानसभा चुनावों भाजपा का वोट शेयर 33.03 फीसद था।

इस चुनाव में असल नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ा है। इस बात का सीधा फायदा आम आदमी पार्टी को मिला है।विधानसभा चुनावों की बात करें तो भाजापा ने इससे पहले साल 2013 में सबसे कम 33 फीसद वोट पाए थे, लेकिन इस बार वोट शेयर और भी कम रहा। इस तरह से इस बार विधानसभा चुनाव में यह उसका सबसे खराब प्रदर्शन है।

इस बार के वोट शेयर की तुलना अगर साल 2013 के विधानसभा चुनाव के वोट शेयर से की जाए तो पता चलता है कि कांग्रेस और अन्य से वोटर बड़ी संख्या में छिटके हैं, जबकि आम आदमी पार्टी को भारी फायदा हुआ है। इस बार आम आदमी पार्टी ने 54.2 फीसद वोट हासिल किए हैं, जो पिछले चुनाव में 29.49 फीसद थे। यानी इस बार आम आदमी पार्टी को 24.71 फीसद वोटों का फायदा हुआ है जो सीटों के तौर पर भी नजर आ रहा है।

इस चुनाव में आप को 54.3 फीसद, भाजपा को 32.2 फीसद, कांग्रेस को 9.7 फीसद और बसपा को 1.3 फीसद वोट मिले हैं।

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