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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीडीपी को भी समर्थन दे सकती है नेशनल कांफ्रेंस!

By vivek pandeyEdited By:
Updated: Wed, 24 Dec 2014 03:45 PM (IST)

चुनावों में हार के बाद तीसरे नंबर पर पहुंची नेशनल कांफ्रेंस ने रियासत में गठबंधन सरकार में पार्टी की भूमिका को तय करने का अंतिम फैसला निवर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर छोड़ दिया है। अलबत्ता, नेकां को पीडीपी या भाजपा को समर्थन देने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। इस बीच,

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श्रीनगर [राज्य ब्यूरो]। चुनावों में हार के बाद तीसरे नंबर पर पहुंची नेशनल कांफ्रेंस ने रियासत में गठबंधन सरकार में पार्टी की भूमिका को तय करने का अंतिम फैसला निवर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर छोड़ दिया है। अलबत्ता, नेकां को पीडीपी या भाजपा को समर्थन देने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। इस बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जम्मू पहुंच गए हैं। उन्होंने जम्मू संभाग के पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद राज्यपाल एनएन वोहरा से भेंट कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया।

बुधवार सुबह यहां पार्टी मुख्यालय में उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में नेकां के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक हुई। इसमें चुनाव नतीजों से लेकर, रियासत में गठबंधन सरकार के गठन में पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई। संबधित सूत्रों ने बताया कि बैठक में नेकां नेताओं ने पीडीपी को बिना शर्त बाहर से समर्थन के विकल्प पर भी विचार किया। हालांकि इस दौरान कई नेता भाजपा के खिलाफ भी नजर आए, लेकिन पीडीपी को सत्ता से बाहर रखने और कश्मीर में नेकां के सियासी आधार को बचाए रखने के लिए भाजपा के साथ गठजोड़ के पक्ष में भी स्वर उठे हैं।

लगभग डेढ़ घंटे की बैठक में पार्टी के वरिष्ठजनों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में आस्था जताते हुए रियासत में अगली सरकार के गठन को लेकर किसी भी दल को समर्थन देने के संदर्भ में अंतिम फैसला उन पर छोड़ दिया है।

दूसरी ओर, पिछले 12 साल से सहयोगी की भूमिका निभा रही कांग्रेस इस बार भी नई सरकार में शामिल होने को लेकर ख्वाहिशमंद है। उसने पीडीपी को समर्थन की पेशकश की है। लेकिन पीडीपी अभी देखो और इंतजार करो की नीति पर चल रही है।

गौरतलब है कि 87 सीटों वाली विधानसभा में पीडीपी 28 सीटें लेकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं भाजपा को 25, नेकां को 15, कांग्रेस को 12 और अन्य को सात सीटें मिली हैं। अगर नेकां ने भाजपा को समर्थन दे दिया तो उसकी सरकार बन सकती है। समीकरण के लिहाज से यदि दोनों दल साथ आए तो इनकी संख्या 40 होगी। सात अन्य में दो सज्जाद लोन की पार्टी पीपुल्स कांफ्रेंस के, दो नेकां समर्थित निर्दलीय व दो भाजपा के करीबी निर्दलीय विधायक हैं।

जम्मू-कश्मीर में सियासी समीकरण

समीकरण 1 : पीडीपी + भाजपा = 53

समीकरण 2 : पीडीपी + कांग्रेस + अन्य = 47

समीकरण 3 : पीडीपी + नेशनल कांफ्रेंस + अन्य = 50

समीकरण 4 : भाजपा + नेशनल कांफ्रेंस + अन्य = 47

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