'जब नागरिक नहीं थीं तो वोटर कैसे बनीं सोनिया गांधी', भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया लोकतंत्र की चोरी का आरोप
भाजपा ने सोनिया गांधी के 1980 के चुनावी रोल में नाम शामिल होने पर सवाल उठाए हैं, जबकि उस समय वह भारतीय नागरिक नहीं थीं।

जब नागरिक नहीं थीं तो वोटर कैसे बनीं सोनिया गांधी।
HighLights
भाजपा ने सोनिया गांधी के 1980 के वोटर लिस्ट में नाम पर सवाल उठाए।
नागरिकता से पहले वोट डालने को 'लोकतंत्र की चोरी' बताया भाजपा ने।
राहुल गांधी से सोनिया गांधी पर लगे आरोपों का जवाब मांगा गया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भाजपा ने गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम 1980 के चुनावी रोल में कैसे जोड़ा गया, जबकि उस समय वह भारत की नागरिक भी नहीं थीं। आखिर वह वोट डालने के तीन साल बाद 1983 में भारत की नागरिक कैसे बनीं? सत्तारूढ़ दल ने इस मामले में कांग्रेस पार्टी पर "लोकतंत्र की चोरी" का आरोप लगाया है।
विगत सोमवार को दिल्ली की एक अदालत ने एक मजिस्ट्रेटी आदेश को रद किया, जिसमें यह आरोप लगाने से इन्कार किया गया था कि सोनिया गांधी का नाम 1983 में भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से तीन साल पहले मतदाता सूची में शामिल किया था।
इसके बाद मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,"1980 में सोनिया गांधी भारत की नागरिक नहीं थीं। इसलिए, उस समय अदालत में याचिका दायर की गई थी कि जब सोनिया गांधी भारत की नागरिक नहीं थीं, तो उन्हें वोट देने की अनुमति किस प्रविधान के तहत दी गई?"
उन्होंने कहा,"क्या उन्होंने दस्तावेजों में धोखाधड़ी करने का प्रयास किया, क्योंकि 1980 से 1983 तक कांग्रेस पार्टी केंद्र में सत्ता में थी? क्या कांग्रेस पार्टी व गांधी-वाड्रा परिवार ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया ताकि सोनिया गांधी, जो 1980 में भारत की नागरिक नहीं थीं, वोट डाल सकें।"
'वोट चोरी' की बात करने वाले 'लोकतंत्र के चोर'- भंडारी
भंडारी ने कहा कि कोई फर्जी दस्तावेज बनाता है, तो बीएनएस की धारा 337 के तहत उसे सात साल की सजा होगी। उन्होंने कांग्रेस के लिए कहा, "वोट चोरी" की बात करने वाले 'लोकतंत्र के चोर' हैं। वे जब सत्ता में थे तब "लोकतंत्र की चोरी" में लगे थे।' उन्होंने कहा, सत्र अदालत भी मानती है कि सोनिया की 'लोकतंत्र की चोरी' की जांच होनी चाहिए।
ट्रोल व कॉमेडियन के रूप में कार्य न करें
भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर कहा कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्तियों को ट्रोल और कॉमेडियन के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए। राहुल से उनकी मां सोनिया गांधी के खिलाफ आरोपों का जवाब देने के लिए भी कहा।
उन्होंने पूछा,"संविधान की प्रति लेकर घूमने वाले राहुल को यह जवाब देना चाहिए कि सोनिया गांधी 1980 में वोट कैसे डाल सकीं? क्या तब की इंदिरा गांधी सरकार ने उन्हें फर्जी कागजात बनाने में मदद की थी?"
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
