'अगले विधानसभा चुनाव में बड़ी ताकत बनेंगे', केरलम में भाजपा ने जीतीं तीन सीटें तो बोले मुरलीधरन
केरलम विधानसभा चुनाव में तीन सीटें जीतने के बाद नवनिर्वाचित भाजपा विधायक वी. मुरलीधरन ने कहा कि अगले चुनाव में भाजपा राज्य में एक प्रमुख ताकत बनेगी। ...और पढ़ें

भाजपा विधायक वी. मुरलीधरन। (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरलम विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले नवनिर्वाचित भाजपा विधायक वी. मुरलीधरन ने कहा है कि राज्य में अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा बड़ी ताकत बनेगी। भाजपा ने राज्य में तीन सीटें जीतकर इतिहास रचा है। 2021 में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली थी। 2016 में राज्य में पहली बार भाजपा को जीत मिली थी।
इस बार चुनाव जीतने वाले भाजपा विधायकों में केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर, वी मुरलीधरन और बीबी गोपाकुमार शामिल हैं। इन विधायकों का मंगलवार को तिरुअनंतपुरम स्थित पार्टी कार्यालय में स्वागत किया गया।
'अगले चुनाव में प्रमुख दल बनेगी भाजपा'
मुरलीधरन ने कहा, केरल में आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रमुख दल के रूप में उभरेगी। हमारा मानना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यों और नीतियों के कारण केरलम की जनता ने भाजपा को अपना समर्थन दिया है। यह दर्शाता है कि केरल की राजनीति में बदलाव आ रहा है।
मुरलीधरन ने कहा कि राज्य में सत्ता विरोधी भावना और सबरीमाला में सोने की चोरी के मुद्दों को जोर शोर से उठाने से भाजपा को तीन सीटें जीतने में मदद मिली। मुरलीधरन ने 428 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है।
'भ्रामक हथकंडों से कांग्रेस ने जीती कई सीटें'
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस ने भ्रामक हथकंडों के माध्यम से कई सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने एफसीआरए से जुड़े झूठ और माकपा-भाजपा समझौते की मनगढ़ंत कहानी के जरिए कई सीटें जीती हैं।
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चंद्रशेखर ने कहा, अब तक हम विधानसभा के बाहर से केरल की जनता के लिए संघर्ष कर रहे थे। अगले पांच वर्षों तक तीन भाजपा विधायक विधानसभा में कांग्रेस और माकपा की संयुक्त ताकत का सामना करेंगे। हम राज्य के विकास के लिए जी जान से लड़ेंगे। भाजपा आने वाले वर्षों में भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण के खिलाफ कड़ा संघर्ष करेंगे।
इस बीच प्रेट्र के अनुसार नेमोम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव हारने वाले केरलम के मंत्री वी. शिवनकुट्टी, जो ने मंगलवार को दावा किया कि यूडीएफ-भाजपा के बीच हुए डील के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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