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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नएला बलूच की निर्वासित सरकार की मांग बुगती ने ठुकराई

By Sachin BajpaiEdited By:
Updated: Thu, 13 Oct 2016 12:49 AM (IST)

पाकिस्तान से बलूचिस्तान प्रांत की आजादी के नेतृत्व के बीच दरार नजर आने लगी है। बलूच नेता बुगती ने बुधवार को ट्वीट करके कहा, 'ऐसे किसी कदम के लिए राष्ट्रीय जनमानस भी साथ होना चाहिए।

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नई दिल्ली, प्रेट्र । प्रख्यात निर्वासित बलूच नेता बरहमदाग बुगती ने बलूचिस्तान की आजादी के आंदोलन की समर्थक नएला कादरी बलूच के लिए कहा है कि वह इस पाक प्रांत का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं।

पाकिस्तान से बलूचिस्तान प्रांत की आजादी के नेतृत्व के बीच दरार नजर आने लगी है। बलूच नेता बुगती ने बुधवार को ट्वीट करके कहा, 'ऐसे किसी कदम के लिए राष्ट्रीय जनमानस भी साथ होना चाहिए। लेकिन प्रोफेसर बलूच इस मकसद को ही नुकसान पहुंचा रही हैं। निर्वासित सरकार बनाना एक राष्ट्रीय मुद्दा है और राष्ट्रीय मुद्दे पर देश में आम राय कायम होना जरूरी है।' एक अन्य ट्वीट में बुगती ने कहा, 'नएला कादरी बलूच लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। वह समर्थन देने के बजाय हमारे मकसद को अपने पागलपन के कामों से नुकसान पहुंचा रहे हैं।' बलूच रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष बुगती ने पिछले ही महीने जिनेवा स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधकर भारत में शरण मांगी थी।

वहीं, स्वनिर्वासन से कनाडा में रह रही प्रोफेसर बलूच और उनके बेटे मजदक दिलशाद बलूच को आने वाले कुछ दिनों में नई दिल्ली के अंदर और बाहर कई बैठकों और सेमिनार में हिस्सा लेना है।

उल्लेखनीय है कि नएला कादरी बलूच ने विगत मंगलवार को ही कहा था कि उन्होंने निर्वासित सरकार के गठन के लिए भारत से संपर्क करने का फैसला किया है।