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    क्या AIADMK-DMK गठबंधन में VCK प्रमुख बन सकते हैं मुख्यमंत्री? अब नया ट्विस्ट

    Updated: Sat, 09 May 2026 02:33 PM (IST)

    तमिलनाडु में खंडित जनादेश के बाद सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जहां TVK को बहुमत के लिए दो विधायकों की आवश्यकता है। ...और पढ़ें

    क्या वीसीके चीफ बनेंगे तमिलनाडु के सीएम? (फाइल फोटो)

    क्या वीसीके चीफ बनेंगे तमिलनाडु के सीएम? (फाइल फोटो)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु में जनता ने किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं दिया है। खंडित जनादेश के बीच सहयोगियों की तलाश जारी है। अब एक नया मोड़ आता दिख रहा है।

    चूंकि गठबंधन ही शासन का एकमात्र रास्ता है, ऐसे में सुपरस्टार विजय का चुनावी 'ब्लॉकबस्टर' प्रदर्शन के बावजूद बहुमत हासिल करने में नाकाम रहना, मुख्यमंत्री के तौर पर किसी अप्रत्याशित चेहरे के लिए रास्ता खोल सकता है। और अगर सूत्रों की मानें, तो वह चेहरा वीसीके के प्रमुख थोल थिरुमावलवन हो सकते हैं।

    थोड़ा अजीब नहीं लगा रहा तालमेल?

    आखिरकार वीसीके को कुल 234 सीटों में से सिर्फ दो सीटें ही मिलीं हैं और यह कुल विधानसभा सीटों का 1% से भी कम है। लेकिन गठबंधन की राजनीति में नामुमकिन भी पलक झपकते ही मुमकिन हो सकता है।

    तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर बनी अनिश्चितता के केंद्र में विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) है। सबसे बड़ी पार्टी TVK के पक्ष में इस समय 116 नवनिर्वाचित विधायक हैं और बहुमत हासिल करने के लिए उसे दो और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है।

    टीवीके कब करेगा अपना रुख स्पष्ट?

    वीसीके के दो विधायक हैं। अगर वे विजय को समर्थन देने पर सहमत हो जाते हैं तो टीवीके सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उम्मीद है कि टीवीके आज शाम 4 बजे अपना रुख स्पष्ट करेगा।

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    सूत्रों के अनुसार, यह देरी वीसीके के दो विधायकों में से एक की अनुपस्थिति के कारण हुई है। जानकारी मिली है कि वह विधायक चेन्नई के रास्ते में हैं और वीसीके इस बात पर जोर दे रहा है कि अपना अंतिम निर्णय घोषित करने से पहले उसके दोनों विधायकों के हस्ताक्षर लिए जाएं। विजय ने समर्थन के लिए एएमएमके और आईयूएमएल से भी संपर्क किया था, लेकिन दोनों पार्टियों ने मना कर दिया था।

    क्या थिरुमा मुख्यमंत्री बन सकते हैं?

    खैर, गठबंधन की राजनीति में कुछ भी संभव है। कोई भी नेता मुख्यमंत्री बन सकता है, बशर्ते वह संबंधित विधानसभा का सदस्य हो और अपने पक्ष में साधारण बहुमत जुटा सके। जब विजय CPI, CPM, VCK और अन्य जैसी छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन पर बातचीत करने में व्यस्त थे, तब द्रविड़ की दिग्गज पार्टियां डीएमके और एआईडीएमके चुप नहीं बैठी थीं।

    विजय की सुनामी में बहते हुए तमिलनाडु की राजनीति में छह दशकों से भी ज्यादा समय से अपना दबदबा बनाए रखने वाली पार्टियों ने आपस में बातचीत शुरू कर दी है। यह बात काफी दिलचस्प है, क्योंकि ये दोनों पार्टियां एक-दूसरे की कट्टर दुश्मन रही थीं। ऐसे में अब तक उनके बीच किसी साझेदारी की कल्पना करना भी मुश्किल था।

    AIADMK के सूत्रों का कहना है कि विजय को सरकार बनाने से रोकने के प्रयास में डीएमके के साथ उनकी बातचीत अभी भी जारी है। ऐसा भी लगता है कि VCK को अपने पाले में लाने की कोशिश करने वाले अकेले विजय ही नहीं थे। सूत्रों के अनुसार, द्रविड़ दिग्गजों ने भी VCK के साथ गठबंधन की संभावनाएं तलाशी थीं।

    तमिलनाडु के लिए यह एक निर्णायक मोड़ है, इसलिए इसमें दांव भी ऊंचे हैं। सूत्रों के अनुसार, वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन का समर्थन हासिल करने के लिए उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करने को लेकर बातचीत हुई थी।

    हालांकि, अब यह साफ हो गया है कि ऐसा गठबंधन कैसे काम करेगा? क्योंकि इसके बावजूद उनके पास बहुमत से कम सीटें ही रहेंगी। डीएमके और AIADMK को मिलाकर कुल 106 सीटें हैं (डीएमके की 59 और AIADMK की 47)। इसमें वीसीके के दो विधायकों को जोड़ने पर, यह संख्या बढ़कर 108 हो जाएगी।

    TVK के पक्ष में भी उतने ही विधायक हैं, जिनमें उसके अपने 107 विधायक, कांग्रेस के पांच और वामपंथी दलों के चार विधायक शामिल हैं।

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