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केरलम में गरमाई राजनीति, फर्जी हस्ताक्षर के आरोप में तिरुअनंतपुरम के महापौर पर मुकदमा

Published: Fri, 09 Oct 2026 02:56 AM (GMT+05:30)

केरलम में तिरुअनंतपुरम के महापौर वीवी. राजेश, भाजपा पार्षद सुगाथन और नगर निगम सचिव के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर के आरोप ...और पढ़ें

फर्जी हस्ताक्षर के आरोप में तिरुअनंतपुरम के महापौर पर मुकदमा

फर्जी हस्ताक्षर के आरोप में तिरुअनंतपुरम के महापौर पर मुकदमा

HighLights

  1. महापौर ने आरोप को झूठा करार दिया, शिकायतकर्ता माकपा विधायक को भेजा कानूनी नोटिस

  2. पांच करोड़ रुपये मुआवजा मांगा, ऐसा न होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

पीटीआई, तिरुअनंतपुरम। केरलम में तिरुअनंतपुरम के महापौर वीवी. राजेश, भाजपा पार्षद सुगाथन और नगर निगम सचिव के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है, वहीं महापौर राजेश ने वकील के जरिये माकपा पार्षद एसपी दीपक को कानूनी नोटिस भेजकर आरोपों को झूठा और मानहानिकारक बताया है। उन्होंने पांच करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की और ऐसा न होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

पुलिस ने गुरुवार को बताया कि माकपा पार्षद दीपक की ओर से बुधवार रात दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। प्राथमिकी के अनुसार, आरोपितों ने इस साल 26 फरवरी, 11 मार्च और 27 अप्रैल को हुई निगम परिषद की बैठकों की उपस्थिति रजिस्टर में सुगाथन के फर्जी हस्ताक्षर करने की साजिश रची थी।

कई आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोप में सुगाथन को केरल असामाजिक गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। केरल नगरपालिका अधिनियम के तहत परिषद की बैठकों से लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर पार्षद को अयोग्य ठहराया जा सकता है।

सुगाथन को अयोग्य ठहराए जाने से बचाने के लिए उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। दीपक ने दावा किया कि सुगाथन के चुनाव नामांकन पत्र पर मौजूद हस्ताक्षर और बैठक के उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर अलग हैं।

पुलिस ने जालसाजी, आपराधिक साजिश और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। केरल हाई कोर्ट के आदेश के बाद सुगाथन को हाल ही में जेल से रिहा किया गया था। पुलिस निगम से संबंधित दस्तावेज जल्द मांगेगी और आरोपितों के बयान दर्ज करेगी।