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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अगस्ता वेस्टलैंड : पूर्व वायुसेना चीफ एसपी त्यागी के खिलाफ मिले पुख्ता सबूत

By Lalit RaiEdited By:
Updated: Thu, 22 Dec 2016 02:28 AM (IST)

अगस्ता वेस्टलैंड केस में जांच एजेंसी सीबीआइ ने दावा किया है कि उसके पास पूर्व वायुसेना एस पी त्यागी के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं।

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नीलू रंजन, नई दिल्ली। अगस्तावेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाले में जांच एजेंसियों ने पूर्व वायुसेनाध्यक्ष एसपी त्यागी के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा लिया है। एजेंसियों के अनुसार 2007 में सेवानिवृत होने के बाद एसपी त्यागी ने लगभग 10 करोड़ रुपये की नकदी को फर्जी कंपनियों के मार्फत सफेद बनाया था और फिर उससे प्रॉपर्टी खरीद लिया था। एजेंसियों के अनुसार इन फर्जी कंपनियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें चलाने वालों के बयान भी दर्ज किये जा चुके हैं। सीबीआइ की पूछताछ में एसपी त्यागी इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे।

त्यागी के खिलाफ पुख्ता सबूत

एसपी त्यागी की गिरफ्तारी में चार साल की देरी के बारे में पूछे जाने पर जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हेलीकाप्टर घोटाले में दी गई रिश्वत की रकम एसपी त्यागी तक पहुंचने का ठोस सबूत नहीं मिल रहा था। लेकिन जब गहराई से छानबीन की गई तो पता चला कि एसपी त्यागी के खाते में कई कंपनियों से छोटे-छोटे पैसे आए थे। जब इन कंपनियों की छानबीन की गई, तो पता चला कि इनमें अधिकांश फर्जी है, उन्हें केवल कालेधन को सफेद बनाने में उपयोग किया जाता था। जब इन कंपनियों को चलाने वालों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि 2007 के बाद एसपी त्यागी की लगभग 10 करोड़ रुपये की नकदी को उन्होंने सफेद किया था और इस काम में उनके भाई जुली त्यागी और वकील गौतम खेतान मदद की थी। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सबूतों के आधार पर साबित हो गया है कि एसपी त्यागी ने दलाली की रकम नकद में ली थी और बाद में उसे सफेद कराया था।

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त्यागी-गुइडो हशके में हुई थी मुलाकात

दलाली की रकम हासिल करने के साथ ही एजेंसियों के पास अगस्तावेस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमैकेनिका और उसके दलालों के संपर्क में रहने के सबूत भी हैं। डील के दौरान एसपी त्यागी के अगस्तावेस्टलैंड के एक प्रमुख दलाल गुइडो हशके के कई बार मुलाकात की थी। इसके साथ ही इटली दौरे के दौरान त्यागी ने हेलीकाप्टर बनाने वाली मूल कंपनी फिनमैकेनिका से मेजबानी भी कबूल की थी। इटली की अदालत ने अपने फैसले में सबूतों और गवाहों के बयान के आधार इन मुलाकातों को सही बताया है।

'तकनीकी पक्ष में त्यागी ने की फेरबदल'

दरअसल एसपी त्यागी के वायुसेनाध्यक्ष रहने के दौरान न सिर्फ खरीदे जाने वाले वीवीआइ हेलीकाप्टरों के मापदंडों में कई बदलाव किये गए, जिसका फायदा अगस्तावेस्टलैंड को हुआ, बल्कि इन हेलीकाप्टरों को असली कीमत से तीन गुना ज्यादा कीमत चुकाकर खरीदा गया। अगस्तावेस्टलैंड हेलीकाप्टर से 12 वीवीआइपी हेलीकाप्टरों की खरीद की बेस प्राइस 4800 करोड़ रुपये तय कर दी गई थी। जाहिर है जब अगस्तावेस्टलैंड ने जब 3600 करोड़ रुपये में इसे देने का आफर किया, तो इसे तत्काल स्वीकार कर लिया गया। यानी एक हेलीकाप्टर 300 करोड़ रुपये में खरीदी गई थी। लेकिन असल में एक हेलीकाप्टर की कीमत मात्र 100 करोड़ रुपये थी।

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