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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ISRO: चंद्रयान-3 की सफलता ने विश्व पटल पर मनवाया भारत का लोहा, विदेशी मीडिया ने की जमकर तारीफ

By Shashank MishraEdited By: Shashank Mishra
Published: Wed, 23 Aug 2023 09:55 PM (IST)

भारत के चंद्रमा मिशन की सफलता ने वैश्विक सुर्खियां बटोरीं शीर्ष समाचार साइटों ने इसरो की ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना ...और पढ़ें

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का पूरी दुनिया ने माना लोहा, अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने खूब की तारीफ।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का पूरी दुनिया ने माना लोहा, अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने खूब की तारीफ।

HighLights

  1. चांद की जानकारी इकट्ठा करेगा रोवर।
  2. भारत ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर किया सॉफ्ट लैंडिंग।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने चांद पर इतिहास रच दिया है। चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग (Moon South Pole Landing) हो गई है। किसी भी देश द्वारा पहली बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग की विदेशी मीडिया ने भी सराहना की। समाचार रिपोर्टों में कहा गया है कि यह भारत के अंतरिक्ष शक्ति के रूप में उभरने का प्रतीक है।

भारत चंद्रमा की सतह को छूने वाला चौथा देश

बता दें बुधवार को जैसे ही इसरो का चंद्र मिशन चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर उतरा, भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अंतरिक्ष यान उतारने वाला पहला देश बन गया। भारत चंद्रमा की सतह को छूने की उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश भी बन गया।

भारत के चंद्रमा मिशन की सफलता ने वैश्विक सुर्खियां बटोरीं, शीर्ष समाचार साइटों ने इसरो की ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की। न्यूयॉर्क टाइम्स, द गार्जियन, द वाशिंगटन पोस्ट, फ्रांस 24 और बीबीसी उन समाचार साइटों में से थे, जिन्होंने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रयान -3 की ऐतिहासिक लैंडिंग की सराहना की।

1. सीएनएन ने अपने कवरेज में कहा कि चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट इतिहास में किसी भी अन्य अंतरिक्ष यान की तुलना में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के करीब है।

2. रिपोर्ट में कहा गया है, "दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र को अंतरिक्ष यात्रा करने वाले देशों के लिए प्रमुख वैज्ञानिक और रणनीतिक रुचि का क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि यह क्षेत्र पानी के बर्फ के भंडार का घर है।"

3. न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने कवरेज में कहा, चंद्रयान-3 लैंडिंग मॉड्यूल चंद्रमा के पहले से अज्ञात क्षेत्र में पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "यह एक अभूतपूर्व क्षण है।"

4. बीबीसी ने बताया, "भारत ने इतिहास रच दिया है क्योंकि उसका चंद्रमा मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने वाला पहला मिशन बन गया है।"

5. डेली मेल ने भी चंद्रयान को लेकर भारत की तारीफ की। अखबार ने कहा कि भारत के चंद्रयान 3 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरकर इतिहास रच दिया और रूस, चीन और अमेरिका को पीछे छोड़ दिया।

6. द गार्जियन ने कहा कि "सफल लैंडिंग इसके (भारत के) अंतरिक्ष शक्ति के रूप में उभरने का प्रतीक है"।

7. फ्रांस 24 ने कहा, भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अंतरिक्ष यान उतारने वाला पहला देश बन गया है।

मानव रहित चंद्रयान-3 शाम 6:04 बजे चांद पर उतरा, और हजारों किलोमीटर दूर मिशन नियंत्रण तकनीशियनों ने बेतहाशा खुशी मनाई क्योंकि चंद्रमा मिशन की सफलता के साथ प्रत्याशाओं और घबराहट भरी उम्मीदों के दिन समाप्त हो गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका से एक लाइव प्रसारण में शामिल हुए और कहा, "भारत का सफल चंद्रमा मिशन सिर्फ भारत का नहीं है। यह सफलता पूरी मानवता की है।"