यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बार-बार लॉकडाउन से भरोसेमंद सप्लायर नहीं रहा चीन, भारत को हो रहा फायदा
भारत में एप्पल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के उत्पादन में बढ़ोतरी होने के आसार है। ताइवान जापान व दक्षिण कोरिया जैसी कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स पार् ...और पढ़ें

नई दिल्ली, राजीव कुमार। जीरो-कोविड नीति की वजह से चीन में बार-बार लॉकडाउन हो रहा है और इस वजह से चीन दुनिया के लिए भरोसेमंद सप्लायर नहीं रह गया है। चीन में एक बार फिर से कोविड के कारण 28 प्रमुख शहरों में लॉकडाउन है, जिससे वहां का औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा फायदा भारत को मिलता दिख रहा है। ताइवान, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी अब भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स की यूनिट लगाने की तैयारी कर रहे हैं।
भारत में कई इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के उत्पादन में होगी बढ़ोतरी
चीन के लॉकडाउन वाले शहरों में झेनझाऊ शहर भी शामिल है जहां एप्पल फोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन की यूनिट है। दो लाख कर्मचारियों वाली इस यूनिट में फिलहाल उत्पादन ठप है। औद्योगिक संगठन सीआइआइ के इंफार्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी कमेटी के चेयरमैन विनोद शर्मा कहते हैं कि इसका भारत को यह फायदा होगा कि फॉक्सकॉन और पेगाट्रान अब भारत में अधिक संख्या में एप्पल फोन बनाएगी।

विदेशी कंपनियां भारत में आ रही हैं
उन्होंने बताया कि ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देश भी अब भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स बनाने की तैयारी में है। क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के निर्माण में एसेंबलिंग से अधिक महत्व पार्ट्स का होता है। इन देशों की सैकड़ों कंपनियां चीन में काम कर रही हैं जो चीन की नीति से परेशान हैं। है। पीएलआई स्कीम की वजह से भी विदेशी कंपनियां भारत में आ रही हैं। पिछले तीन साल से चीन में कमोबेश लॉकडाउन जैसी स्थिति से भारत में लेदर, लेदर आइटम, गारमेंट जैसे छोटे आइटम को इसका फायदा मिलने लगा है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशंस (फियो) के सीईओ एवं महानिदेशक अजय सहाय ने बताया कि चीन में लॉकडाउन के साथ वहां की मैन्यूफैक्च¨रग लागत लगातार बढ़ रही है और दुनिया के कई प्रमुख देशों का रुख चीन के खिलाफ होने से भारत के पक्ष में माहौल बन रहा है। यूरोप व अमेरिका के साथ कई देश अब कम मूल्य वाले आइटम भारत से खरीदना पसंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ व्यापार ही नहीं निवेश में भी भारत को चीन के खिलाफ चल रही हवा का फायदा मिल रहा है।
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चीन से तनातनी रखने वाला ताइवान, जापान व दक्षिण कोरिया भारत में नए निवेश कर सकते हैं। लेदर आइटम के निर्यातक आर.के. जालान ने बताया कि अब तक चीन से खरीदारी करने वाले यूरोपीय कारोबारी अब भारत से लेदर आइटम लेने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।