तमिलनाडु में अब कक्षा 8वीं तक के बच्चों को मिलेगा फ्री ब्रेकफास्ट, सीएम विजय ने लॉन्च की स्कीम
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने एमके स्टालिन की 'मुख्यमंत्री ब्रेकफास्ट स्कीम' को 'पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम' नाम से जारी रखने का फैसला किया है।
HighLights
मुख्यमंत्री विजय ने ब्रेकफास्ट स्कीम का नाम बदला।
योजना अब 'पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम' कहलाई जाएगी।
15.30 लाख अतिरिक्त छात्रों को योजना में शामिल किया जाएगा।
डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने एमके स्टालिन सरकार की सबसे चर्चित कल्याणकारी योजना 'मुख्यमंत्री ब्रेकफास्ट स्कीम' को जारी रखने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री विजय ने इस योजना को DMK सरकार के नाम के साथ नहीं लिया, बल्कि योजना का नाम बदल दिया है। सीएम विजय ने इस योजना को कांग्रेस के दिग्गज नेता कामराज के नाम पर योजना का नाम पर रखकर इसे एक नई राजनीतिक पहचान दी है।
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सरकार ने 'मुख्यमंत्री ब्रेकफास्ट स्कीम' का नाम बदलकर 'पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम' कर दिया है। इसके जरिए पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता के. कामराज की विरासत को याद किया गया है, जिन्हें स्कूली शिक्षा के विस्तार और राज्य में स्कूल-मील (मिड-डे मील जैसी) योजनाओं को शुरू करने का श्रेय दिया जाता है।
सीएम विजय की इस योजना को आगे बढ़ाने के साथ ही बच्चों को नाश्ता करते हुए तस्वीरें भी सामने आई हैं। मुख्यमंत्री स्कूल में जाकर बच्चों से मिले, उन्हें नाश्ता भी कराया, साथ ही उनके साथ जमीन पर बैठकर खुद भी नाश्ता किया।
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DMK की कल्याणकारी योजनाओं को नहीं बदल रहे विजय
एमके स्टालिन सरकार ने 2022 में 'मुख्यमंत्री ब्रेकफास्ट स्कीम' शुरू की थी। शुरुआत में इसमें सरकारी स्कूलों के प्राइमरी छात्र शामिल थे और बाद में इसे सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों तक भी बढ़ाया गया।
विजय की सरकार अब इस योजना को और आगे ले जा रही है और 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के 15.30 लाख और छात्रों को इस कार्यक्रम में शामिल कर रही है।
मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने इसके लिए 217.63 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित की है। इस पर सरकार का कुल खर्च 724 करोड़ रुपये होगा।
इस योजना के तहत आठवीं कक्षा तक के छात्रों को मुफ्त नाश्ता दिया जाता है। सीएम विजय पिछली सरकार की किसी अहम योजना को खत्म नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, उनकी सरकार उस कार्यक्रम को और आगे बढ़ा रही है जो DMK के कल्याणकारी कामों की पहचान बन गया।

DMK ने नाम बदलने की आलोचना की
DMK ने सरकार के इस कदम की आलोचना की है। DMK के प्रवक्ता TKS इलांगोवन ने कहा, 'उनका एकमात्र काम हमारे शुरू किए गए कार्यक्रमों के नाम बदलना है, वे खुद कुछ नहीं करते।'
इस पर TVK के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमेरिका नारायणन का कहना है, 'कामराज ही थे जिन्होंने इसे शुरू किया था और यह बिल्कुल सही फैसला है।'
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