यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Coaching Incident: 'कोचिंग सेंटर गैस चैंबर के समान', छात्रों की मौत पर भड़के उपराष्ट्रपति; बताया- पैसे छापने की मशीन
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि कोचिंग एक फलता-फूलता उद्योग बन गया है। उन्होंने इसे गैस चैंबर करार देते हुए कहा कि इसके लिए अखबारों में भी वि ...और पढ़ें

HighLights
- कोचिंग एक फलता-फूलता उद्योग बन गया है: उपराष्ट्रपति
- कोचिंग कलचर एक गैस चैंबर से कम नहीं है: उपराष्ट्रपति धनखड़
पीटीआई, नई दिल्ली। दिल्ली में एक IAS कोचिंग सेंटर में पानी भरने से शनिवार शाम तीन छात्रों की डूबकर हुई मौत का मामला राज्यसभा में भी उठा। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को कहा कि कोचिंग एक फलता-फूलता उद्योग बन गया है, जिसमें अच्छे रिटर्न मिलते हैं।
छात्रों से वसूली जाती है मोटी रकम
उन्होंने इसे गैस चैंबर करार देते हुए कहा कि इसके लिए अखबारों में भी विज्ञापन दिए जाते हैं, जिसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने राज्यसभा में इस मामले पर चर्चा की अनुमति देते हुए कोचिंग सेंटरों द्वारा छात्रों से वसूली जाने वाली मोटी रकम का भी जिक्र किया।
#WATCH | Vice President and Rajya Sabha Chairman Jagdeep Dhankhar says, "Coaching has become a flourishing industry with high returns and the kind of advertisements, I said, need to be examined. Every penny spent on advertisement is coming from the student. Every new building is… pic.twitter.com/51uyfcpc6K
— ANI (@ANI) July 29, 2024
कोचिंग उच्च रिटर्न वाला एक फलता-फूलता उद्योग बन गया है। जब भी हम अखबार पढ़ते हैं तो एक या दो पन्ने विज्ञापनों के होते हैं। विज्ञापन पर खर्च किया जाने वाला पैसा छात्रों से आ रहा है, हर नई इमारत छात्रों से आ रही है।- जगदीप धनखड़, राज्यसभा के सभापति
समस्या से निपटने के लिए नए दृष्टिकोण की जरूरत
उन्होंने कोचिंग कलचर का जिक्र गैस चैंबर से करते हुए कहा कि एक तरफ देश में नए-नए अवसर बढ़ रहे हैं। वहीं, कोचिंग कलचर एक गैस चैंबर से कम नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में एक ऐसे दृष्टिकोण की जरूरत है, जो इस समस्या से निपटने में मददगार हो।
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