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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cyclone Biporjoy: सुदर्शन से भी तेज हुआ बिपरजॉय, गुजरात के 41 हजार लोगों को शिविरों में भेजा; 69 ट्रेनें रद

By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
Updated: Wed, 14 Jun 2023 06:27 AM (IST)

मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि 15 जून की शाम जब यह सौराष्ट्र एवं कच्छ के तटीय क्षेत्र से टकराएगा तो हवा की रफ्तार 135 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है। इसके प्रभाव से 14 से 16 जून तक भारी वर्षा हो सकती है।

Cyclone Biporjoy: सुदर्शन से भी तेज हुआ बिपरजॉय, गुजरात के 41 हजार लोगों को शिविरों में भेजा; 95 ट्रेनें रद
Cyclone Biporjoy: सुदर्शन से भी तेज हुआ बिपरजॉय, गुजरात के 41 हजार लोगों को शिविरों में भेजा; 95 ट्रेनें रद

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। अरब सागर का चक्रवात बिपरजॉय जैसे-जैसे तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे उसकी गति में वृद्धि हो रही है। इसके आगे बढ़ने की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 12 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो गई है। कच्छ से केरल तक इसका असर भी दिखने लगा है। यह गुजरात के तट तक गुरुवार को पहुंचेगा, लेकिन तेज हवा के साथ वर्षा शुरू हो गई है। समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगी हैं। तेज हवाओं की वजह से पेड़ उखड़कर गिरने लगे हैं।

हालांकि मंगलवार को यह थोड़ा कमजोर होकर अत्यधिक गंभीर से बेहद गंभीर चक्रवात रह गया।बिपरजॉय की शुरुआत छह जून को दक्षिण-मध्य अरब सागर में हुई थी। तब यह सुस्त गति से उत्तर की ओर बढ़ रहा था। मौसम विज्ञानियों का अनुमान था कि यह पाकिस्तान में कराची के पास टकराएगा और भारत पर आंशिक असर पड़ेगा। किन्तु इसने अपनी दिशा बदली और गुजरात के लिए बड़ा खतरा बनकर आगे बढ़ने लगा। मौसम विभाग (आइएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि 15 जून की शाम जब यह सौराष्ट्र एवं कच्छ के तटीय क्षेत्र से टकराएगा तो हवा की रफ्तार 135 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है। इसके प्रभाव से 14 से 16 जून तक भारी वर्षा हो सकती है।

41 हजार लोगों को अस्थायी शिविरों में भेजा

चक्रवात के आसन्न संकट के मद्देनजर केंद्र और गुजरात सरकार ने बचाव का अग्रिम प्रबंधन प्रारंभ कर दिया है। तेज हवा, भारी वर्षा एवं ऊंची-ऊंची लहरों की आशंका से समुद्र तट से 10 किलोमीटर तक के गांवों को पूरी तरह खाली कराया जा रहा है। अब तक कच्छ, द्वारका, राजकोट, मोरबी, जामनगर, पोरबंदर एवं जूनागढ़ से लगभग 41 हजार लोगों को अस्थायी शिविरों में भेज दिया गया है। कांडला पोर्ट पूरी तरह खाली करा लिया गया है। लोगों को गोपालपुर एवं गांधीधाम स्थित शिविरों में भेजा गया है। राज्य के तटीय जिलों एवं मुंबई में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। सेना को भी तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

मोदी और शाह ने की मुख्यमंत्री से बात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार देर रात गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात कर स्थिति की जानकारी ली और बचाव प्रबंधन का निर्देश दिया। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मुख्यमंत्री एवं प्रभावित हो सकने वाले जिलों के प्रशासन से स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों के सांसद भी मौजूद थे। गृह मंत्री ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कांडला पोर्ट समेत कच्छ के आसपास के इलाकों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया।

साढ़े सात मीटर तक उठ सकता है ज्वार

आइएमडी के अनुसार, कच्छ तट से जब यह चक्रवात टकराएगा तब नौलाखी में साढ़े सात मीटर तक ज्वार उठ सकता है। पोरबंदर में ढाई मीटर और ओखा में साढ़े तीन मीटर तक ज्वार उठने की आशंका है। उस वक्त भारी वर्षा भी हो रही होगी। देवभूमि द्वारका और पोरबंदर में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा वर्षा का अनुमान है। बिपरजॉय सबसे ज्यादा कच्छ, द्वारका, सोमनाथ, मोरबी, जामनगर, पोरबंदर, जूनागढ़ और राजकोट को प्रभावित कर सकता है।

एहतियातन 69 ट्रेनें निरस्त होंगी

चक्रवात के चलते पश्चिम रेलवे ने प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर कुछ ट्रेनों को आंशिक तौर पर निरस्त करने का निर्णय लिया है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने बताया कि एहतियाती उपाय के रूप में 69 ट्रेनों को निरस्त, 32 ट्रेनों को शार्ट टर्मिनेट और 26 ट्रेनों को शार्ट आरिजनेट किया जाएगा। प्रभावित यात्रियों को नियमानुसार रिफंड भी दिया जाएगा।