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‘डियर सूर्यकांत इस्तीफा दो’, केरलम कांग्रेस ने मांगा CJI का रिजाइन; भाजपा बोली- अराजकतावादी पार्टी कर रही संविधान का घोर अपमान

Published: Mon, 12 Oct 2026 07:41 PM (IST)Updated: Mon, 12 Oct 2026 09:26 PM (IST)

बीजेपी ने कांग्रेस पर सीजेआई सूर्यकांत को धमकाने और संवैधानिक संस्थाओं का अनादर करने का आरोप लगाया है।

केरलम कांग्रेस ने की सीजेआई सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग (फोटो-ANI)

केरलम कांग्रेस ने की सीजेआई सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग (फोटो-ANI)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन INDI के नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध याचिका दाखिल करने के बीच केरलम कांग्रेस ने एक पोस्ट कर प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग कर दी। हालांकि पोस्ट पर विवाद के बाद पार्टी ने पोस्ट हटा ली।

चुनाव आयोग के विरुद्ध विपक्षी दलों के आंदोलन के बीच ही राहुल गांधी ने प्रधान न्यायाधीश से मिलने की मांग की थी जिसे जस्टिस सूर्यकांत ने यह कहते हुए ठुकरा दी थी कि मामला सुनवाई पर है और इस बीच उनका मिलना सही नहीं होगा। यह शक्तियों के बंटवारे का भी प्रश्न है।

गौरतलब है कि सोमवार को ही केरलम विधानसभा ने ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने का एक प्रस्ताव भी पारित किया जो अभूतपूर्व है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश के सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक ढांचे को ध्वस्त करना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट में जाकर दिखावा भी किया जा रहा है और उसे ही धमकाया भी जा रहा है।

विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के विषय में पूछे जाने पर जस्टिस सूर्यकांत ने इसे कानून-व्यवस्था का मामला बताया था और कहा कि यह कोर्ट की परिधि में नहीं आता। इसी बात से बिफरी केरलम कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट में कहा, "प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था आपकी परिधि में नहीं आती है तो इस्तीफा दे दो, हम आपका विकल्प ढूंढ लेंगे।"

हालांकि बाद में उसने यह पोस्ट हटा ली। लेकिन हटाए जाने से पहले यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और इसकी जमकर आलोचना हुई। लिहाजा केरलम कांग्रेस ने इस पोस्ट के लिए जवाबदेह व्यक्ति को पद से हटा दिया।

केरलम कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि वह पोस्ट प्रदेश कांग्रेस समिति की जानकारी, सहमति या परामर्श के बगैर की गई थी। उन्होंने साफ किया कि न्यायपालिका की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस में कोई मतभेद नहीं है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी उक्त पोस्ट से पार्टी को अलग कर लिया।

उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा, 'हम इस रुख से पूरी तरह असहमत हैं, चाहे यह किसी ने भी अपनाया हो। हमें इस देश की न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और हम सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं। हमने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया ही इसलिए था, क्योंकि हमें न्यायपालिका पर भरोसा है।'

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि देश को अराजकता की आग में झोंकने के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक गिरने को तैयार है। सुप्रीम कोर्ट में जिस प्रकार का अशोभनीय दृश्य दिखाया गया, इसकी भारत के इतिहास में कोई मिसाल नहीं है। केरल की कांग्रेस-मुस्लिम लीग सरकार ने प्रधान न्यायाधीश को 'डियर सूर्यकांत' जैसे शब्दों से संबोधित किया और इस्तीफा देने की बात कही।

रिजीजू ने इसे सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट और प्रधान न्यायाधीश की संवैधानिक स्वायत्तता पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के बाद कांग्रेस का अगला हमला सुप्रीम कोर्ट पर होने की आशंका उन्हें पहले से थी और वह इस बाबत कह भी रहे थे। यह आशंका आज सही साबित हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ-साथ सभी राष्ट्रद्रोही शक्तियां एकजुट हो गई हैं और इससे निपटने के लिए सभी राष्ट्रवादियों को भी एकजुट होना होगा।

कांग्रेस के इस रुख पर पलटवार करते हुए बीजेपी ने निशाना साधा है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, अराजक कांग्रेस। यह भारत के संविधान का बहुत बड़ा अपमान है। कांग्रेस भारत के मुख्य न्यायाधीश को धमका रही है। उन्हें लगता है कि गांधी-वाड्रा परिवार संविधान से ऊपर है। कांग्रेस भारतीय लोकतंत्र और स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाओं से नफरत करती है।

प्रधान न्यायाधीश ने राहुल गांधी के पत्र के जवाब में स्पष्ट कहा था कि वह चाहें तो मुद्दे पर अपनी याचिका दाखिल कर दें। मंगलवार को इस मुद्दे पर सुनवाई होनी है। संदेश स्पष्ट था कि कोर्ट तक आने की जरूरत नहीं है। लेकिन विपक्षी दल मार्च करते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए। जबकि उनकी लीगल टीम ने एक याचिका भी दाखिल कर दी।

लेकिन जिस तरह केरल कांग्रेस ने प्रधान न्यायाधीश का इस्तीफा मांगा है, उससे यह आशंका खड़ी हो सकती है कि कोर्ट के निर्णय के बाद भी विपक्षी दल स्थिति सामान्य नहीं होने देंगे क्योंकि खुद राहुल ने ज्ञानेश के इस्तीफे तक आंदोलन की बात कही है।