यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पायलट और क्रू मेंबर नहीं कर पाएंगे फ्लाइट में परफ्यूम का इस्तेमाल! DGCA ने दिया प्रस्ताव
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने पायलटों चालक दल को परफ्यूम के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है। इसका कारण यह है कि इनमें भारी मात्रा में अल्कोहल ...और पढ़ें

HighLights
- माउथवॉश/टूथ जेल/परफ्यूम या अल्कोहल पर लगेगी रोक
- फ्लाइट के क्रू मेंबर नहीं कर पाएंगे इनका इस्तेमाल
- कैमरे की निगरानी में होते हैं ब्रेथलाइजर टेस्ट
एएनआई, नई दिल्ली। फ्लाइट के क्रू मेंबर को अब परफ्यूम, दवाओं और डेंटल हाइजीन जैसे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से रोका जा सकता है। इसका कारण यह है कि इनमें भारी मात्रा में अल्कोहल होता है और उड़ान से पहले या बाद में विमान कर्मियों का किए जाने वाला ब्रेथलाइजर टेस्ट को प्रभावित कर सकता है।
अगर फ्लाइट के क्रू मेंबर इन सभी का इस्तेमाल करते है तो इससे कहीं न कहीं ब्रेथलाइजर टेस्ट पॉजिटिव आ सकता है, जिससे बचने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ये प्रस्ताव लाई है।
माउथवॉश/टूथ जेल/परफ्यूम या अल्कोहल पर लगेगी रोक
DGCA ने शराब के सेवन के लिए विमान कर्मियों की मेडिकल जांच की प्रक्रिया में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया है।
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, डीजीसीए द्वारा जारी किए गए ड्राफ्ट में कहा गया है कि 'कोई भी क्रू मेंबर किसी भी दवा/फॉर्मूलेशन का सेवन नहीं करेगा या किसी भी पदार्थ जैसे माउथवॉश/टूथ जेल/परफ्यूम या अल्कोहल युक्त किसी भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं करेगा क्योंकि इससे ब्रेथलाइजर टेस्ट पॉजिटिव हो सकता है।'
कैमरे की निगरानी में होते हैं ऐसे टेस्ट
डीजीसीए प्रमुख ने कहा कि यह केवल एक मसौदा सीएआर (सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स) है जिसे हितधारकों की टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखा गया है। जानकारी के लिए बता दें कि नियामक डीजीसीए समेत भारत में एयरलाइंस किसी भी उड़ान से पहले ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट को लेकर काफी सख्त रही हैं। यही कारण है कि ऐसे परीक्षण हमेशा कैमरे की निगरानी में होते हैं।