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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्‍या आप जानते हैं ट्रेनों में कितने तरह के होते हैं वेटिंग टिकट? ये वाली होती है सबसे पहले कन्फर्म

    By Ashisha Singh RajputEdited By: Ashisha Singh Rajput
    Updated: Fri, 16 Jun 2023 01:21 AM (IST)

    ट्रेन की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सबसे पहले कुछ जरूरी होता है तो ट्रेन की टिकट होती है। रोजना इतने सारे लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं कि कई बा ...और पढ़ें

    भारतीय रेलवे प्रणाली में, आरक्षित टिकटों के लिए आम तौर पर तीन प्रकार की प्रतीक्षा सूची होती है।
    भारतीय रेलवे प्रणाली में, आरक्षित टिकटों के लिए आम तौर पर तीन प्रकार की प्रतीक्षा सूची होती है।

    नई दिल्ली, आशिषा सिंह राजपूत। दुनिया में भारतीय रेलवे चौथा और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। भारत में लाखों लोग हर दिन रेल यात्रा करते हैं। अधिकतर लोग एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए ट्रेन से यात्रा करते हैं। बहुत से लोगों के लिए लंबी दूरी की रेल यात्रा रेल यात्रा अन्य साधनों से ज्यादा किफायती और आरामदायक होती है। यही कारण है कि भारतीय रेलवे को देश की ट्रेवल लाइफ लाइन माना जाता है।

    भारत में जबसे ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ है तबसे लेकर अब तक कई तरह के बदलाव आ चुके हैं। अब भारतीय रेलवे एडवांस और इसके स्टेशन काफी हाइटेक हो गए हैं। वहीं, ट्रेन की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सबसे पहले कुछ जरूरी होता है, तो ट्रेन की टिकट होती है। रोजना इतने सारे लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं कि कई बार बहुत से लोगों की टिकट सीट की कमी के चलते कन्फर्म नहीं हो पाती है। ऐसे लोगों की टिकट वेटिंग लिस्ट में चली जाती है।

    इस लेख में हम आपको बताएंगे रेलवे में कितनी तरह की वेटिंग लिस्ट होती हैं और इनका क्या मतलब होता है।

    1. सामान्य प्रतीक्षा सूची (General Waiting List):

    जब किसी ट्रेन की सभी कन्फर्म सीटें बुक हो जाती हैं, तो अतिरिक्त यात्रियों को वेटिंग लिस्ट में डाल दिया जाता है। इन यात्रियों के पास कन्फर्म सीट या बर्थ नहीं होती है और उन्हें कैंसिलेशन या अपग्रेड के जरिए सीट उपलब्ध होने का इंतजार करना पड़ता है। GNWL टिकटों के कन्फर्म होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि उन्हें किसी विशेष ट्रेन के लिए सामान्य कोटा के आधार पर आवंटित किया जाता है।

    2. रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट (Remote Location Waiting List)

    RLWL को वेटिंग लिस्ट ट्रेन के स्टार्ट और एंड स्टेशन के बीच के स्टेशनों से जारी किया जाता है। दिल्ली से मुंबई की ट्रेन में अगर कोई व्यक्ति कोटा से टिकट लेता है तो उसे RLWL वेटिंग टिकट मिलेगा। इस तरह के वेटिंग लिस्ट के कन्फर्म होने की संभावना GNWL की तुलना में कम होती है।

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    3. पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट (Pooled Quota Waiting List)

    PQWL, पूल्ड कोटा के लिए वेटिंग लिस्ट है, जिसे विभिन्न स्टेशनों के बीच साझा किया जाता है। इसका टिकट ट्रेन रूट के बीच छोटे स्टेशनों से वेटिंग टिकट लेने पर प्राप्त होता है। PQWL टिकट के भी कन्फर्म होने का चांस काफी कम रहता है। बता दें कि PQWL टिकट का कन्फर्मेशन उसी पूल्ड कोटे से कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों के कैंसिलेशन पर निर्भर करता है।

    आपको बता दें कि इन टिकटों के कन्फर्म होने की संभावना मार्ग, यात्रा की तारीख, टिकट के प्रकार और रद्दीकरण की संख्या जैसे विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है। रेलवे प्रणाली के कम्प्यूटरीकृत एल्गोरिदम इन कारकों के आधार पर कन्फर्म करते हैं। वेटिंग लिस्ट की कन्फर्म टिकट को यात्री अपने पीएनआर (पैसेंजर नेम रिकॉर्ड) नंबर का उपयोग करके अपनी वर्तमान स्थिति की जांच कर सकते हैं।

    4. तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट (Tatkal Quota Waiting List)

    तत्काल प्रतीक्षा सूची तत्काल एक प्रीमियम आरक्षण योजना है जो यात्रियों को तत्काल यात्रा के लिए टिकट बुक करने की अनुमति देती है। जब तत्काल कोटे की सभी सीटें बुक हो जाती हैं, तो यात्री तत्काल प्रतीक्षा सूची का विकल्प चुन सकते हैं। यदि कोई कन्फर्म तत्काल टिकट रद्द हो जाता है, तो प्रतीक्षा सूची बढ़ जाती है और यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिल सकती है।

    5. रोड साइड स्टेशन वेटिंग लिस्ट (Road Side Waiting List)

    कुछ टिकट पर RSWL कोड लिखा होता है। इसका मतलब रोड साइड स्टेशन वेटिंग लिस्ट है। जब टिकट ट्रेन के शुरू होने वाले स्टेशनों से रोड साइड स्टेशन या उसके पास पड़ने वाले स्टेशनों के लिए बुक कराया जाता है, तो यह कोड मिलता है। बता दें कि इस तरह के वेटिंग टिकट में कन्फर्म होने की संभावना काफी कम रहती है।