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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Family Doctor: फिर से शुरू होगा 'फैमिली डाक्टर' का चलन, MBBS कोर्स में ट्रेनिंग शामिल करने की बढ़ी डिमांड

    By AgencyEdited By: Monika Minal
    Updated: Mon, 26 Sep 2022 05:30 PM (IST)

    फैमिली फिजिशियन यानि परिवार का डाक्टर। अब यह काफी कम सुनने को मिलता है लेकिन डाक्टरों ने इस पुराने चलन को एक बार फिर जीवित करने का फैसला लिया है। इसके ...और पढ़ें

    फिर से शुरू होगा 'फैमिली डाक्टर' का चलन
    फिर से शुरू होगा 'फैमिली डाक्टर' का चलन

    नई दिल्ली, एजेंसी। हमारे फैमिली डाक्टर हैं... ऐसा सुनने को अब कम मिलता है या कह लें कि यह चलन अब रहा ही नहीं। लेकिन डाक्टरों के बीच ट्रेंड को लेकर रुझान बढ़ता दिख रहा। दरअसल डाक्टरों के एक समूह ने मांग रखी है कि MBBS के पाठ्यक्रम में फैमिली फिजिशियन की ट्रेनिंग को भी शामिल किया जाए। डाक्टरों के एक समूह ने हेल्थकेयर इकोसिस्टम में फैमिली फिजिशयन के महत्व पर जोर दिया है। इनका दावा है कि ये पूरी तरह से मरीज को इलाज उपलब्ध करा सकते हैं, जिससे अस्पतालों पर आने वाला अनावश्यक बोझ कम हो जाएगा।

    परिवार के लिए  गाइड होता है 'फैमिली डाक्टर'

    AFPI (Academy of Family Physicians of India) के सदस्यों ने 25 सितंबर को अपना फाउंडेशन डे मनाया। इस मौके पर आयोजित समारोह के दौरान मांग रखी गई कि MBBS पाठ्यक्रम में फैमिली फिजिशियन की ट्रेनिंग को भी शामिल किया जाए। डाक्टरों ने कहा कि फैमिली फिजिशियन किसी परिवार का अभिन्न हिस्सा बन जाता है और सभी तरह की स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का एकमात्र हल भी होता है। AFPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. रमन कुमार ने कहा, ' फैमिली फिजिशियन परिवार के लिए न केवल एक डाक्टर बल्कि गाइड की तरह होता है। यह पूरे परिवार को स्वास्थ्य संबंधित फैसले लेने में मदद करता है।'

    पुराने चलन को पुनर्जीवित करने की डिमांड 

    AFPI फाउंडेशन डे के मौके पर आयोजित समारोह में देश भर से डाक्टरों व विभिन्न क्षेत्र में विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इन्होंने फैमिली फिजिशियन के तौर पर ट्रेनिंग की MBBS कोर्स में शामिल कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर संपर्क किया। डा. कुमार ने बताया कि AFPI फाउंडेशन डे को 'National Family Medicine Day' भी घोषित किया गया है। सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) आलोक सक्सेना ने देश में इस पुराने चलन को पुनर्जीवित करने की मांग की। समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर आईं गोरखपुर एम्स की प्रोफेसर सुरेखा किशोर ने अपने संबोधन में यह आश्वासन दिया कि इस मामले को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ( National Medical Commission) के पास उठाएंगी।

    अहम होता है फैमिली डाक्टर का रोल

    परिवार के एक-एक सदस्य के नब्ज से पूरी तरह अवगत फैमिली डाक्टर का रोल काफी अहम होता है। केवल चिकित्सक ही नहीं परिवार का मित्र और उनके हर सुख-दुख का साथी उनका फैमिली डाक्टर बन जाता है।

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