विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, डीपीई डिप्लोमा माध्यमिक शिक्षक नियुक्ति और पदोन्नति के लिए मान्य

Updated: Sun, 23 Aug 2026 02:10 AM (GMT+05:30)

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), नई दिल्ली से प्राप्त दो वर्षीय डीपीई (डिप्लोमा इन प्राइमरी एजुकेशन) को माध्यमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति और प्राथमिक शिक्षक से माध्यमिक शिक्षक पद पर पदोन्नति के लिए मान्य योग्यता माना है।

डीपीई डिप्लोमा माध्यमिक शिक्षक नियुक्ति और पदोन्नति के लिए मान्य (सांकेतिक तस्वीर)

 डीपीई डिप्लोमा माध्यमिक शिक्षक नियुक्ति और पदोन्नति के लिए मान्य (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ ने राज्य शासन की तीन रिट अपीलें निरस्त कीं

  2. डीपीई धारक अभ्यर्थियों और शिक्षकों के लिए नियुक्ति एवं पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ है

जेएनएन, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), नई दिल्ली से प्राप्त दो वर्षीय डीपीई (डिप्लोमा इन प्राइमरी एजुकेशन) को माध्यमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति और प्राथमिक शिक्षक से माध्यमिक शिक्षक पद पर पदोन्नति के लिए मान्य योग्यता माना है।

कोर्ट ने राज्य शासन की तीन रिट अपीलें खारिज करते हुए एकलपीठ के निर्णय को बरकरार रखा। इससे प्रदेशभर के डीपीई धारक अभ्यर्थियों और शिक्षकों के लिए नियुक्ति एवं पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी, अभिषेक मिश्रा, अनुज मिश्रा और अंकित तिवारी ने पैरवी की। विभाग ने उनकी नियुक्ति इस आधार पर निरस्त कर दी थी कि दो वर्षीय डीपीई डिप्लोमा मान्य नहीं है।

अभ्यर्थियों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि शासन ने 28 फरवरी 2013 के परिपत्र के माध्यम से इग्नू के डीपीई को डीएड, डीएलएड के समकक्ष मान्यता दी थी, जिसे बाद में वापस लेने या समाप्त करने का कोई आधार उपलब्ध नहीं है।

कोर्ट ने माना कि इग्नू से प्राप्त दो वर्षीय डीपीई मान्यता प्राप्त व्यावसायिक डिप्लोमा है और निर्धारित योग्यता के लिए इसे समकक्ष माना जाना आवश्यक है।

युगलपीठ ने तीनों अपील खारिज कर दी। इस फैसले से डीपीई धारक प्राथमिक शिक्षकों की माध्यमिक शिक्षक पद पर पदोन्नति का रास्ता भी साफ हो गया।