एक साल में 81 हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त... वित्त राज्यमंत्री बोले- 'वित्तीय अपराध के कैंसर का सफाया कर रही ईडी'
ईडी ने अब तक 2.36 लाख करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है, जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष में 81,422 करोड़ रुपये शामिल हैं। ...और पढ़ें

प्रवर्तन निदेशालय

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नीलू रंजन, नई दिल्ली। अवैध तरीके से बनाई संपत्तियों की जब्ती और पीडि़तों तक उनकी वापसी की दिशा में ईडी को बड़ी सफलता मिल रही है। ईडी अभी तक अवैध तरीके से बनाई गई दो लाख 36 हजार 17 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त कर चुकी है, जिनमें अकेले पिछले वित्तीय वर्ष में 81,422 करोड़ की संपत्तियों को जब्त किया गया।
इसके साथ ही ईडी को 63,142 करोड़ रुपये की संपत्ति को घोटालेबाजों से जब्त कर पीडि़तों को वापस करने में भी सफलता मिली है। ईडी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में ये आंकड़े देते हुए निदेशक राहुल नवीन ने कहा कि आतंकी फंडिंग और क्रिप्टो फ्राड एजेंसी की प्राथमिकता में है।
81,422 करोड़ रुपये की जब्ती
काली कमाई से बनाई गई संपत्तियों के पुराने आंकड़ों से तुलना में ईडी की सफलता काफी बड़ी है। ईडी ने इसके पहले 2024-25 के वित्तीय वर्ष में 30,036 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी। उसकी तुलना में 2025-26 में 170 फीसद अधिक संपत्तियां जब्त की गईं। उसके पहले 2014 से 2024 तक ईडी हर साल औसतन 11,938 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करती रही थी।
वहीं संपग्र सरकार के दौरान 2004 से 2014 तक औसतन हर साल केवल 575 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। अवैध संपत्तियों को जब्त करने में ईडी की सफलता की सराहना करते हुए वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के आरोपों को सिरे खारिज कर ददिया।
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63,142 करोड़ रुपये की संपत्ति वापस
चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईडी की ताकत देश से वित्तीय अपराध के कैंसर को साफ करने के दी है, विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए नहीं। संपत्ति जब्त करने के साथ ही ईडी को पीडि़तों को इन्हें वापस दिलाने में भी बड़ी सफलता मिल रही है। घोटाले में गवाएं गए 63,142 करोड़ की संपत्ति वापस पाने वालों में उदयपुर के 200 घरों के खरीददार भी शामिल हैं।
इसके साथ ही पर्ल्स ग्रुप के आवासीय योजनाओं में निवेश करने वालों को 15,581 करोड़ रुपये वापस किये गए।ईडी निदेशक ने मनी लॉड्रिंग के मामलों में आरोपितों को सजा दिलाने में विफल रहने के विपक्ष के आरोपों का भी करारा जवाब दिया। उनके अनुसार अभी तक ईडी के 60 मामलों में अदालत का फैसला आया है, जिनमें 56 मामले में दोष सिद्धि के बाद सजा सुनाई गई है।
इस तरह से ईडी 94 फीसद सजा दर हासिल करने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि 2400 मामलों में अदालत में सुनवाई चल रही है और जल्द ही अदालत का फैसला आने की उम्मीद है। उन्होंने भरोसा जताया कि इनके फैसले के आने के बाद भी ईडी सजा की उच्च दर बरकरार रखने में सफल होगी।