यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
महज साढ़े तीन घंटे में बिन्नी का अनशन खत्म
आम आदमी पार्टी [आप] से निकाले गए बागी विधायक विनोद कुमार बिन्नी ने दिल्ली सरकार को अपने किए वादे पूरे करने के लिए दस दिन का समय देकर महज साढे़ तीन घंट ...और पढ़ें

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी [आप] से निकाले गए बागी विधायक विनोद कुमार बिन्नी ने दिल्ली सरकार को अपने किए वादे पूरे करने के लिए दस दिन का समय देकर महज साढे़ तीन घंटों में ही अपने अनशन को खत्म करने का ऐलान कर दिया। इससे पहले वह अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को केजरीवाल सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे।
अनशन पर बैठने से पहले वह उपराज्यपाल नजीब जंग से मिलने के लिए पहुंचे। उप राज्यपाल से मुलाकात से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए बिन्नी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल तो चाहते ही हैं कि सरकार गिर जाए।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि पार्टी से निकाले जाने के बारे में उन्हें कोई भी लिखित सूचना नहीं दी गई है। उन्हें मीडिया के माध्यम से इस बारे में जानकारी मिली है। उन्होंने आप पर आरोप लगाया कि 10 लाख 52 हजार लोगों का विश्वास तोड़ा है। इन लोगों ने बिजली और पानी पर आप का साथ दिया था, लेकिन इस मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से विफल रही है।
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चुनाव से पहले किसी भी विज्ञापन या स्टेटमेंट में यह नहीं कहा गया था कि अगर 700 लीटर से एक लीटर भी पानी की खपत बढ़ जाएगी तो पूरा पैसा वसूल किया जाएगा। महिलाओं के साथ भी धोखा किया गया। कमांडो फोर्स बनाने का वादा किया था, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
सरकार ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के प्रति भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। बिन्नी ने यह भी कहा कि मेरे लोगों ने मुझे जानकारी दी है कि पार्टी के कई विधायक असंतुष्ट हैं। केजरीवाल सरकार चाहती है कि वह गिर जाए। सरकार वादों से बचना चाहती है। जब-जब कोई प्रस्ताव आएगा, मुद्दों के आधार पर सरकार को घेरेंगे।
उन्होंने कहा कि लोगों का मोहभंग हो रहा, क्योंकि अब पोल खुल रही है। मैं आम आदमी पार्टी (आप) का मोहताज नहीं हूं। जब मैं आप से जुड़ा था, उस समय मुझे पार्टी के असली चेहरे के बारे में नहीं पता था। आप की कथनी व करनी में भारी अंतर है। मैं पार्टी के मंच से भी कई मुद्दों को उठाता रहा हूं, लेकिन पार्टी ने हमेशा से ही तानाशाही वाला रवैया अपनाया है। मैं भाजपा और कांग्रेस में नहीं जा रहा हूं क्योंकि मैं इन दलों का विरोधी रहा हूं। मैं दो बार निर्दलीय पार्षद रह चुका हूं। मेरा मकसद लोगों की सेवा करना है और जनहित से जुड़े मुद्दों के लिए संघर्ष करता रहूंगा।
बिन्नी उपराज्यपाल से मिलने के बाद राजघाट गए और फिर जंतर मंतर पहुंचे। उन्होंने आगे की रणनीति अभी नहीं बताई है।
वहीं, दूसरी तरफ भाजपा के डॉ. हर्षवर्धन ने बिन्नी का समर्थन करते हुए कहा कि विनोद कुमार बिन्नी ने महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। आप की सरकार को उनके जवाब देने चाहिए।
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