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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'बजट में हर राज्य को दिया जाता है पैसा', दो राज्यों पर मेहरबानी करने के आरोप पर वित्त मंत्री की दो टूक

    Updated: Tue, 30 Jul 2024 07:42 PM (IST)

    मोदी 3.0 का बजट आ चुका है। जबसे यह बजट देश के सामने पेश हुआ है तबसे ही विपक्ष के नेता सरकार पर भेदभाव का आरोप लगा रही है। बजट में बिहार और आंध्र प्रदे ...और पढ़ें

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो- संसद टीवी)
    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो- संसद टीवी)

    HighLights

    1. क्या UPA काल में सभी राज्यों को पैसा नहीं मिला?
    2. निर्मला सीतारमण ने बजट का किया बचाव
    3. बजट में कई राज्यों के साथ नाइंसाफी करने का लगा आरोप

    ऑनलाइन डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (जो पिछले कई दिनों से संसद में अपने केंद्रीय बजट को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं) आज विपक्ष की शिकायतों की लंबी सूची को संसद में संबोधित किया। जहां विपक्ष ने इस बजट को कुर्सी बचाओ बजट नाम दिया। वहीं, अब वित्त मंत्री ने विपक्ष के सभी आरोपों का भ्रम फैलाने वाला बताया।

    वित्त मंत्री कई दिनों से यह कह रही हैं कि बजट भाषण में केवल मुख्य बातें हैं और सभी राज्यों को उनका हिस्सा मिल चुका है। आज उन्होंने एक कदम आगे बढ़कर यूपीए काल के बजट भाषणों का विश्लेषण करके नतीजे पेश किए। उन्होंने कहा, 'मैं 2004-05 से ही बजटों पर नजर रख रही हूं। 2004-05 में बजट भाषण में 17 राज्यों का नाम नहीं था। 2006-07 में 16 राज्यों का नाम नहीं था।'

    'पहले के बजट में भी कई राज्यों का जिक्र नहीं'

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पहले के बजट में भी कई राज्यों का जिक्र नहीं किया गया था। 2009 के बजट में सिर्फ 2 राज्यों उत्तर प्रदेश और बिहार का जिक्र किया गया था। कांग्रेस की अगुवाई में यूपीए काल के दौरान हर बजट में कुछ ही राज्यों का जिक्र किया गया था। उन्होंने कहा, 'मैं यूपीए सरकार से पूछना चाहती हूं जिन राज्यों का नाम नहीं लिया गया था क्या उन राज्यों को पैसा नहीं दिया गया।'

    'बस भ्रम फैलाया जा रहा है'

    उन्होंने कहा, 'मैं विनम्रतापूर्वक कहना चाहती हूं कि सभी सदस्य जानते हैं कि यदि किसी राज्य का नाम नहीं लिया गया है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें पैसा नहीं मिलेगा। यह एक भ्रामक अभियान है। मुझे यह जानकर दुख होता है कि वे कह सकते हैं कि यदि आपने किसी राज्य का नाम नहीं लिया है तो उसे कुछ नहीं मिलेगा।'

    हलवा समारोह के मुद्दे पर दिया जवाब

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    वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि एससी, एसटी, महिलाओं और पिछड़े वर्गों की अनदेखी की बात की जा रही है, जबकि मैं कहूंगी कि उनके विकास के लिए आवंटन बढ़ा दिया गया है। हलवा समारोह के मुद्दे पर पर राहुल गांधी की ओर से किए गए हमले पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'ये कब से फोटो इवेंट बन गया? 2013-14 में भी हलवा बांटा गया था। क्या किसी ने उनसे पूछा कि उस समय इसमें कितने एससी, एसटी थे?'

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