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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर फोकस', बजट 2025 पर लोकसभा में वित्त मंत्री ने क्या-क्या कहा?

    Updated: Tue, 11 Feb 2025 06:48 PM (IST)

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने केंद्रीय बजट 2025-26 पर सामान्य चर्चा का लोकसभा में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कृषि एमएसएमई निवेश और निर्यात को ग्रोथ इ ...और पढ़ें

    वित्त मंत्री ने कहा कि गांवों में समृद्धि लाने पर सरकार जोर दे रही है (फोटो: @sansad_tv)
    वित्त मंत्री ने कहा कि गांवों में समृद्धि लाने पर सरकार जोर दे रही है (फोटो: @sansad_tv)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने केंद्रीय बजट 2025-26 पर सामान्य चर्चा का लोकसभा में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कृषि, एमएसएमई, निवेश और निर्यात को ग्रोथ इंजन बनाने के साथ गांवों में समृद्धि लाने पर सरकार जोर दे रही है।

    वित्त मंत्री ने कहा कि बजट का फोकस गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर है। इसका आधार कृषि, एमएसएमई और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं और सुधारों को प्रस्तुत करना था, जो विकास, ग्रामीण समृद्धि और लचीलेपन के प्रावधान के साथ-साथ विकास के इंजन के रूप में थे।

    रुपये में गिरावट पर दिया जवाब

    वित्त मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 2900 करोड़, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12,300 करोड़, समग्र शिक्षा के तहत 11,000 करोड़ आवंटित रुपए राज्यों ने खर्च नहीं किए।

    वहीं रुपए में हो रही गिरावट को लेकर उठाए गए सवाल के जवाब में सीतारमण ने कहा कि विदेशी मुद्रा की एक्सचेंज दर के वास्तविक असर को देखने से पता चलता है कि रुपए में खास गिरावट नहीं हुई है। दक्षिण कोरिया, मलेशिया, इंडोनेशिया, जापान, यूरोप की करेंसी में डालर के मुकाबले गत अक्टूबर से जनवरी के बीच 5-8 प्रतिशत की गिरावट हुई है।

    पक्षपात के आरोपों पर पलटवार

    निर्मला सीतारमण ने कहा कि दाल, सब्जी-फल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए घोषणाएं की गई हैं। सरकार पहले से ही महंगाई कम करने के लिए चावल, दाल, प्याज, आटा जैसे खाद्य आइटम को सस्ते दाम पर बेच रही है।

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    पक्षपात के आरोपों को आड़े हाथों लेते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब को सड़क की तीन परियोजनाओं के लिए 20,000 करोड़ से अधिक दिए गए। उन्होंने केरल, कर्नाटक, झारखंड व हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों को भी केंद्रीय आवंटन का हवाला दिया।

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