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NEET-UG परीक्षा में पहली बार सशस्त्र बलों की मदद लेगी केंद्र सरकार, री-एग्जाम के लिए महा-प्लान तैयार

Published: Fri, 29 May 2026 05:30 AM (IST)Updated: Fri, 29 May 2026 06:52 AM (IST)

आगामी 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम के सुरक्षित और त्रुटिहीन संचालन के लिए सरकार भारतीय सशस्त्र बलों की ...और पढ़ें

केंद्र सरकार 21 जून की परीक्षा के लिए पहली बार ले सकती है सशस्त्र बलों की मदद

केंद्र सरकार 21 जून की परीक्षा के लिए पहली बार ले सकती है सशस्त्र बलों की मदद

HighLights

  1. परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए सेना का सहारा\

  2. पेपर लीक सिंडिकेट पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार का अब तक का सबसे कड़ा प्लान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद रद हुई परीक्षा को दोबारा सुरक्षित तरीके से आयोजित कराने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।

आगामी 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम के सुरक्षित और त्रुटिहीन संचालन के लिए सरकार भारतीय सशस्त्र बलों (सेना और वायुसेना) की मदद लेने पर विचार कर रही है। देश के किसी भी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के इतिहास में यह पहली बार होगा जब सैन्य बलों को इसके लॉजिस्टिक्स से जोड़ा जाएगा।

हाई-लेवल मीटिंग में बनी रणनीति

इस संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर गुरुवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कई वरिष्ठ मंत्री और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) व शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान प्रश्नपत्र तैयार करने, उनकी छपाई, परिवहन, सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाने की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की गई।

क्या होगी सशस्त्र बलों की भूमिका?

एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 22 लाख से अधिक छात्रों वाली इस परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के पूरा करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। बलों की भूमिका को लेकर निम्नलिखित योजना बनाई गई है:

लॉजिस्टिक्स और परिवहन: देश भर के केंद्रों पर प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने में थल सेना की मदद ली जा सकती है।

खराब मौसम से निपटने में वायुसेना: परीक्षा के समय को देखते हुए, यदि बारिश, आंधी या तूफान जैसी प्रतिकूल मौसम की स्थिति बनती है, तो भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग प्रश्नपत्रों की तत्काल डिलीवरी के लिए किया जाएगा।

केवल लॉजिस्टिक्स तक सीमित: यह स्पष्ट किया गया है कि सशस्त्र बलों की भूमिका केवल लॉजिस्टिक्स समन्वय, सुरक्षित परिवहन और मौसम से जुड़ी आपातकालीन स्थितियों तक ही सीमित रहेगी। वे परीक्षा की निगरानी का काम नहीं करेंगे।

अन्य मंत्रालयों का भी मिलेगा साथ

सिर्फ सेना ही नहीं, बल्कि गृह मंत्रालय, राज्य सरकारें, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, डाक विभाग, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय भी 21 जून को होने वाली इस री-परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सहयोग दे रहे हैं।

वही दूसरी ओर, केंद्रीय जांच ब्यूरो मूल NEET-UG परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है और इस पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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