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    'बैटल ऑफ गलवन' फिल्म पर भारत के रुख को दोहराया, विदेश मंत्रालय बोला-इसमें कोई भूमिका नहीं

    Updated: Sat, 17 Jan 2026 03:01 AM (IST)

    अभिनेता सलमान खान की फिल्म 'बैटल आफ गलवन' पर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि देश में फिल्म निर्माण से जुड़े मुद्दों पर संबंधित प्राधिकरण गौर करते ...और पढ़ें

    'बैटल ऑफ गलवन' फिल्म पर विदेश मंत्रालय बोला-इसमें कोई भूमिका नहीं (फोटो- एक्स)

    'बैटल ऑफ गलवन' फिल्म पर विदेश मंत्रालय बोला-इसमें कोई भूमिका नहीं (फोटो- एक्स)


    HighLights

    1. फिल्म पर आपत्ति के बारे में पूछे जाने पर दिया यह जवाब


    2. मंत्रालय ने शक्सगाम घाटी पर भारत के रुख को दोहराया


    पीटीआई, नई दिल्ली। अभिनेता सलमान खान की फिल्म 'बैटल आफ गलवन' पर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि देश में फिल्म निर्माण से जुड़े मुद्दों पर संबंधित प्राधिकरण गौर करते हैं और ऐसे प्रोजेक्ट में विदेश मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है। बता दें कि यह फिल्म 2020 में गलवन घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प पर आधारित है और 17 अप्रैल को रिलीज होगी।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमें पता चला है कि इस तरह की फिल्म की योजना बनाई गई है। भारत में फिल्म बनाने से जुड़े मामले संबंधित प्राधिकरण देखते हैं। विदेश मंत्रालय की इसमें या ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट में कोई भूमिका नहीं है।'

    प्रवक्ता ने यह जवाब उस सवाल पर दिया, जिसमें कुछ रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि विदेश मंत्रालय ने गलवन में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प को फिल्म में दर्शाने पर आपत्ति जताई है। चीनी मीडिया की तरफ से भी इस फिल्म की आलोचना करने की खबर आई है।

    एएनआइ के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शक्सगाम घाटी पर भारत के रुख को दोहराया और कहा कि हम पहले ही इस पर अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं। अपने साप्ताहिक प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने नौ जनवरी को कहा था कि शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र है। हमने 1963 में किए गए तथाकथित चीन-पाकिस्तान 'सीमा समझौते' को कभी मान्यता नहीं दी है। हम लगातार यह कहते आए हैं कि यह समझौता अवैध और अमान्य है। हम तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को भी मान्यता नहीं देते हैं क्योंकि यह भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिस पर पाकिस्तान का अवैध और जबरन कब्जा है।

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    ईरान के हालात पर करीबी नजर

    एएनआइ के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार ईरान के हालात पर करीबी नजर रख रही है। वहां करीब नौ हजार भारतीय नागरिक रह रहे हैं। इनमें ज्यादातर छात्र हैं।

    इन सभी के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें भारतीय नागरिकों को खराब सुरक्षा हालात के मद्देनजर ईरान छोड़ने की सलाह दी गई है। जबकि म्यांमार के मुद्दे पर कहा कि भारत वहां सभी हितधारकों की भागीदारी वाली समावेशी और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया का समर्थन करता है।