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    साइबर फ्रॉड की राशि आने पर पूरा बैंक खाता फ्रीज करना गलत, एसबीआई की निगरानी याचिका खारिज

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 02:00 AM (IST)

    उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष देवेंद्र कच्छवाहा एवं सदस्य लियाकत अली की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यदि किसी बैंक खाते में कोई निश्चित राशि विवा ...और पढ़ें

    साइबर फ्रॉड की राशि आने पर पूरा बैंक खाता फ्रीज करना गलत (सांकेतिक तस्वीर)

    साइबर फ्रॉड की राशि आने पर पूरा बैंक खाता फ्रीज करना गलत (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. उपभोक्ता आयोग ने विवादित राशि तक ही रोक लगाने के दिए निर्देश

    2. एसबीआई की निगरानी याचिका खारिज

    जेएनएन, जोधपुर। किसी फर्म के खाते में साइबर फ्रॉड की राशि जमा होने पर पूरे खाते को फीज करने की कार्रवाई को राज्य उपभोक्ता आयोग ने गलत मानते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की निगरानी याचिका को खारिज कर दिया।

    उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष देवेंद्र कच्छवाहा एवं सदस्य लियाकत अली की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यदि किसी बैंक खाते में कोई निश्चित राशि विवादित है तो केवल उतनी ही राशि को होल्ड पर रखा जा सकता है। पूरे खाते के लेनदेन पर रोक लगाना उचित नहीं है।

    मामले के अनुसार, श्रीकार्ट ई-कॉमर्स फर्म के प्रोपराइटर गणपतसिंह एवं जोगाराम का खाता एसबीआई की कृषि उपज मंडी बाड़मेर शाखा में था। वर्ष 2025 में फर्म के खाते में साइबर फाड से संबंधित 1 लाख 5 हजार 898 रुपये की राशि जमा हुई थी।

    साइबर क्राइम पुलिस से प्राप्त सूचना के आधार पर बैंक ने फर्म का पूरा खाता फ्रीज कर दिया था। इसके बाद फर्म की ओर से जिला उपभोक्ता आयोग बाड़मेर में परिवाद पेश कर खाता डी-फ्रीज करने की मांग की गई।

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    अंतरिम प्रार्थना पत्र में विवादित राशि को फ्रीज रखते हुए शेष खाते के लेनदेन शुरू करने का आग्रह किया गया। जिला आयोग ने आदेश देते हुए कहा था कि विवादित राशि को छोडकर अन्य लेनदेन पर रोक नहीं लगाई जा सकती।