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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    G-20 नई दिल्ली घोषणा पत्र जारी करने पर बनी सहमति, PM Modi बोले- विश्व कल्याण के लिए यह साथ चलने का समय

    By Jagran NewsEdited By: Shalini Kumari
    Updated: Sat, 09 Sep 2023 04:52 PM (GMT+05:30)

    नई दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में भारत ने नई दिल्ली साझा घोषणा पत्र जारी कराने को लेकर सदस्य देशों के बीच सहमति बना ली है। इस बैठक में कई वि ...और पढ़ें

    नई दिल्ली साझा घोषणा पत्र जारी कराने को लेकर सदस्य देशों के बीच बनी सहमति
    नई दिल्ली साझा घोषणा पत्र जारी कराने को लेकर सदस्य देशों के बीच बनी सहमति

    HighLights

    1. नई दिल्ली साझा घोषणा पत्र जारी कराने को लेकर सदस्य देशों के बीच बनी सहमति
    2. G20 समूह का हिस्सा बना अफ्रीकी संघ

    जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। जी-20 शिखर सम्मेलन में भारी गतिरोध को दूर करते हुए भारत ने नई दिल्ली साझा घोषणा पत्र जारी कराने को लेकर सदस्य देशों के बीच सहमति बना ली है।

    पीएम नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के पहले दिन दोपहर बाद तकरीबन 3.30 बजे अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक, ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथोनी अल्बनिजी, जापान के पीएम फुमियो किशिदा, चीन के पीएम ली चियांग, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति विडोडो, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज लुला डी सिल्वा  जैसे दिग्गज वैश्विक नेताओं के समक्ष इस बात का ऐलान किया।

    कई कारणों से साझा बयान नहीं हो सका जारी

    दिसंबर, 2022 में भारत ने जी-20 की अध्यक्षता संभाली थी और उसके बाद से ही इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि इस बार आम सहमति से घोषणा पत्र जारी होगा या नहीं। पिछले सात महीनों में छह बार हुई मंत्रिस्तरीय बैठक में साझा बयान भी जारी नहीं हो सका था।

    इसके लिए यूक्रेन युद्ध की वजह से अमेरिका व पश्चिमी देशों और चीन व रूस के बीच चल रहे तनाव को सबसे बड़ा कारण बताया जाता रहा है, लेकिन भारत ने जबरदस्त कूटनीतिक संवाद कायम रखते हुए इसे संभव बना दिया है।

    अफ्रीकी यूनियन जी20 समूह में शामिल

    शनिवार, 09 सितंबर, 2023 को पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में दुनिया के सबसे ताकतवर 20 देशों के राष्ट्र प्रमुखों की बैठक की शुरुआत हुई। दिसंबर, 2022 में इस समूह का अध्यक्ष बनने के बाद भारत ने वैश्विक कूटनीति व अर्थनीति में जिन मुद्दों को प्राथमिकता के तौर पर अपनाने पर जोर दिया था, उसी तर्ज पर बैठक का आगाज हुआ।

    खबरें और भी

    मसलन, अफ्रीकी देशों को जी-20 के प्रतिनिधित्व दिलाने की भारत की कोशिश रंग लाई और अफ्रीकी यूनियन को शामिल करने की घोषणा पीएम मोदी ने की।

    आपसी विश्वास पर आए संकट पर विजय प्राप्त संभव

    पीएम मोदी ने यूक्रेन विवाद, चीन-अमेरिका तनाव और कुछ दूसरे संकटों से विश्व में आपसी विश्वास में आई कमी को उठाया और संदेश दिया कि जब विश्व कोरोना को  हरा सकता है तो, आपसी विश्वास पर आए संकट पर भी विजय प्राप्त कर सकता है। बतौर अध्यक्ष भारत ने जी-20 के अध्यक्ष के तौर पर यह संदेश देने में कोई कसर नहीं छोड़ा है कि वह वैश्विक मंच पर सफल नेतृत्व की क्षमता रखता है।

    एक साथ मिलकर चलने का समय

    पीएम मोदी ने कहा कि, "कोविड-19 के बाद विश्व में एक बहुत बड़ा संकट विश्वास के अभाव का आया है। युद्ध ने इस ट्रस्ट डेफिसिट को गहरा किया है। आज जी-20 के प्रेसिडेंट के तौर पर पूरी दुनिया का आह्वान करता है कि हम मिल कर सबसे पहले ग्लोबल ट्रस्ट डिफिसिट को एक विश्वास. एक भरोसे में बदलें। यह वैश्विक भलाई के लिए हम सभी के मिल कर चलने का समय है।"

    वैश्विक चुनौतियों का ठोस समाधान ढूंढ़ना जरूरी

    इसके साथ ही, पीएम ने यह भी साफ तौर पर बताया कि विश्वास का संकट कहां-कहां है और इसे दूर करना क्यों जरूरी है। मोदी ने कहा, "वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल, उत्तर व दक्षिण का विभेद, पूर्व और पश्चिम  की दूरी, खाद्य, ईंधन व उर्वरक प्रबंधन, आतंकवाद व साइबर सुरक्षा, हेल्थ, ऊर्जा और जल-सुरक्षा को लेकर चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों के ठोस समाधान की तरफ बढ़ना ही होगा।"

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