यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'जींस, टॉप और मिनी स्कर्ट नहीं चलेगा', बंगाल में छोटे कपड़े पहनकर लड़कियों के महाकाल मंदिर में प्रवेश पर रोक
बंगाल में दार्जिलिंग स्थित प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में अब शार्ट्स, मिनी स्कर्ट या अन्य छोटे कपड़े पहनकर लड़कियों के प्रवेश ...और पढ़ें

बंगाल में छोटे कपड़े पहनकर लड़कियों के महाकाल मंदिर में प्रवेश पर रोक (फोटो- एक्स)
HighLights
समिति ने लड़कियों की सुविधा के लिए काउंटर पर रखवाए चूड़ीदार और घाघरा
फैसले ने पहाड़ों की रानी दार्जिलिंग में एक बड़ी बहस छेड़ दी है
जागरण संवाददाता, दार्जिलिंग। बंगाल में दार्जिलिंग स्थित प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में अब शार्ट्स, मिनी स्कर्ट या अन्य छोटे कपड़े पहनकर लड़कियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मंदिर समिति ने दक्षिण भारत के मंदिरों की तर्ज पर सख्त ड्रेस कोड लागू कर दिया है।
फैसले ने पहाड़ों की रानी दार्जिलिंग में एक बड़ी बहस छेड़ दी है। कुछ इसे मंदिर की पवित्रता बनाए रखने का कदम बता रहे हैं तो कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं।
महाकाल मंदिर समिति के उपाध्यक्ष मदन सुब्बा ने कहा कि हमने विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया। कई पर्यटक ऐसे छोटे कपड़े पहनकर आते हैं जो मंदिर के वातावरण को खराब करते हैं और देखने में अशोभनीय लगते हैं। यह नियम इस सप्ताह से लागू हो गया है। भगवान शिव का यह महाकाल मंदिर पूरे उत्तर बंगाल में प्रसिद्ध है।
हाल ही में जब राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दार्जिलिंग दौरे पर आईं थीं तो उन्होंने यहां पूजा की थी। उसके बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा था कि महाकाल मंदिर की ही तरह एक भव्य मंदिर सिलीगुड़ी में बनवाएंगी।
इधर, समिति ने भक्तों की सुविधा के लिए डोनेशन काउंटर पर चूड़ीदार और घाघरा रखवाए हैं। जो अनजाने में छोटे कपड़े पहनकर आ जाएं, वे वहां से सस्ते दाम पर किराए पर ले सकते हैं।
मंदिर गेट के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें लिखा है कृपया मंदिर में प्रवेश से पहले उचित परिधान धारण करें। शार्ट्स, मिनी स्कर्ट, स्लीवलेस टॉप प्रतिबंधित। मामले में गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) के प्रवक्ता शक्ति प्रसाद शर्मा ने कहा कि यह मंदिर समिति का फैसला है, इस पर कुछ कहना उचित नहीं।