यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आपको भी आया है GST का नोटिस? नहीं करें चिंता, अब इस तारीख तक कर सकेंगे अपील; वित्त मंत्रालय लेकर आया विशेष माफी योजना
जीएसटी ( GST ) संबंधी नोटिस पर अगले साल जनवरी तक अपील कर सकेंगे। वित्त मंत्रालय की योजना के मुताबिक चालू वर्ष 2023 के 31 मार्च तक अगर किसी कारोबारी य ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जीएसटी संबंधी अपील दाखिल करने में की गई देरी को लेकर वित्त मंत्रालय विशेष माफी योजना लेकर आया है। इस योजना के तहत अब 31 जनवरी, 2024 तक अपील दाखिल किया जा सकेगा।
वित्त मंत्रालय की योजना के मुताबिक चालू वर्ष 2023 के 31 मार्च तक अगर किसी कारोबारी या करयोग्य व्यक्ति को जीएसटी संबंधी मांग को लेकर कोई नोटिस जारी किया गया है और वे तय समय में इस मांग के विरुद्ध अपील नहीं कर पाए हैं तो वे अगले साल 31 जनवरी तक अपील दाखिल कर सकेंगे।
क्या है विशेष माफी योजना?
योजना के मुताबिक वैसे कारोबारी भी अपील कर सकेंगे जिनकी अपील समय के बाद दाखिल होने से खारिज हो गई थी। ऐसे करयोग्य कारोबारी या व्यक्ति जीएसटी पोर्टल पर जाकर एपीएल-01 भर कर अपील कर सकते हैं। जीएसटी विशेषज्ञों के मुताबिक इस योजना से सैकड़ों कारोबारियों को राहत मिलेगी।
कई कारोबारियों को जीएसटी डिमांड नोटिस का पता ही नहीं चलता है और समय बीत जाने की वजह से वे अपील नहीं कर पाते हैं। ऐसे में उन्हें 100 प्रतिशत का जुर्माना भरना पड़ता है। अपील में जाने पर हो सकता है उन्हें कोई जुर्माना नहीं देना पड़े या फिर कम जुर्माने के साथ उनका मामला रफा-दफा हो जाए।
कारोबारियों को रहना चाहिए सतर्क
जानकारों का कहना है कि कारोबारियों को जीएसटी संबंधी डिमांड नोटिस को लेकर सजग रहना चाहिए और उसके विरुद्ध अपील भी जरूर करनी चाहिए। जीएसटी प्रणाली की शुरुआत एक जुलाई, 2017 से की गई थी और उसके बाद के वर्षों में जीएसटी विसंगतियों को लेकर इन दिनों सैकड़ों कारोबारियों को डिमांड नोटिस भेजा जा रहा है।
खबरें और भी
जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी\\Bवित्त मंत्रालय ने रविवार को बताया कि पिछले पांच सालों में जीएसटी रिटर्न भरने वालों की संख्या में 65 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वैसे ही जीएसटी पोर्टल पर पंजीकृत सक्रिय टैक्सपेयर्स की संख्या में खासी बढोतरी हुई है। अब यह संख्या 1.40 करोड़ है जबकि अप्रैल, 2018 में यह संख्या 1.06 करोड़ थी।
मंत्रालय के मुताबिक जीएसटी नियमों के सरलीकरण से अब अधिकतर कारोबारी समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करने लगे हैं। चालू वित्त वर्ष में 90 प्रतिशत टैक्सपेयर्स ने तय समय पर जीएसटीआर-3बी दाखिल किया जबकि वित्त वर्ष 2017-18 में तय समय पर सिर्फ 68 प्रतिशत टैक्सपेयर्स जीएसटीआर-3बी दाखिल करते थे।