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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शिव सेना बनाम शिव सेना मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज है सुनवाई, दोनों गुट अपनी-अपनी दलील करेंगे पेश

By AgencyEdited By: Dhyanendra Singh Chauhan
Updated: Tue, 27 Sep 2022 08:37 AM (IST)

शिव सेना के उद्धव ठाकरे गुट ने इस मामले में चुनाव आयोग की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट इस पर आज कोई आदेश दे सकता है। सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ ने इस मामले में पिछली सुनवाई सात सितंबर को की थी।

सुप्रीम कोर्ट शिवसेना के चुनाव चिह्न को लेकर करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट शिवसेना के चुनाव चिह्न को लेकर करेगा सुनवाई

नई दिल्ली, एजेंसी। शिव सेना बनाम शिव सेना मामले पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अहम सुनवाई होनी है। महाराष्ट्र में शिव सेना से अलग गुट बनाकर भाजपा के समर्थन से सरकार बनाने वाले एकनाथ शिंदे और मूल शिव सेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के वकील आज सुप्रीम कोर्ट में अपनी-अपनी दलील पेश करेंगे। सुप्रीम कोर्ट शिवसेना के चुनाव चिह्न को लेकर आज सुनवाई करेगा।

इस मामले में पिछली सुनवाई हुई थी सात सितंबर को

शिव सेना के उद्धव ठाकरे गुट ने इस मामले में चुनाव आयोग की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट इस पर आज कोई आदेश दे सकता है। सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ ने इस मामले में पिछली सुनवाई सात सितंबर को की थी।

बता दें कि एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिव सेना दो गुटों में बंट गई है। दोनों गुट पार्टी और उसके चुनाव चिन्ह पर अपना दावा कर रहे हैं।

चुनाव आयोग ने पार्टी के दोनों खेमों से मांगा जवाब

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खुद के असली शिवसेना होने का दावा किया हुआ है। इसे लेकर ही चुनाव आयोग ने पार्टी के दोनों खेमों से जवाब मांगा था। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि शिवसेना पर शिंदे और उद्धव गुट में से असली होने के दावों पर चुनाव आयोग को विचार करना चाहिए या नहीं इसे लेकर 27 सितंबर को फैसला होना है।

उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के गुटों के बीच जारी है खींचतान

गौरतलब है कि महाराष्‍ट्र में उद्धव ठाकरे और वर्तमान मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्‍व वाले प्रतिद्वंदी प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुटों के बीच लगातार खींचतान जारी है। माना जा रहा है कि बीएमसी चुनाव तक दोनों गुटों के बीच आपसी संघर्ष की उम्मीद है। यह भी मानना है कि दोनों गुट दशहरा रैली को लेकर एक बार फिर आमने-सामने आ सकते हैं।

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