Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'हिमंता भी कांग्रेसी और मैं भी, उनका और मेरा DNA एक जैसा', असम के मुख्यमंत्री के बयान पर सुप्रिया सुले का पलटवार

    By AgencyEdited By: Amit Singh
    Updated: Thu, 19 Oct 2023 12:56 PM (IST)

    सुप्रिया सुले ने कहा कि वो सरमा के बयान को लेकर आश्चर्यचकित हैं क्योंकि हिमंत बिस्वा सरमा और उनका डीएनए एक जैसा है। उन्होंने कहा कि सरमा मूल रूप से का ...और पढ़ें

    मूल रूप से कांग्रेसी हैं हिमंता बिस्वा सरमा: सुप्रिया सुले
    मूल रूप से कांग्रेसी हैं हिमंता बिस्वा सरमा: सुप्रिया सुले

    HighLights

    1. मूल रूप से कांग्रेसी हैं हिमंता बिस्वा सरमा: सुप्रिया सुले
    2. हिमंता सरमा में कांग्रेस का DNA ही है: सुले
    3. शरद पवार के बयान पर वार-पलटवार का दौर जारी

    ऑनलाइन डेस्क, नई दिल्ली: इजरायल और हमास के युद्ध को लेकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बयान पर आलोचनाओं का दौर जारी है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पवार शायद सुप्रिया सुले को हमास की तरफ से लड़ने के लिए भेजेंगे। सरमा के बयान को लेकर अब एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने उन्हें कांग्रेसी डीएनए का बता डाला है।

    बयान पर कोई आश्चर्य नहीं

    मीडिया से बात करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि वो सरमा के बयान को लेकर आश्चर्यचकित हैं, क्योंकि हिमंत बिस्वा सरमा और उनका डीएनए एक जैसा है। उन्होंने कहा कि सरमा मूल रूप से कांग्रेसी हैं। इस बीच बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी महिलाओं का हमेशा से अपमान करती आई है। इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि सरमा बीजेपी में जाने के बाद बदल गए हैं।

    यह भी पढ़ें: 'देश के कई हिस्सों में कम हो रही है भाजपा की राजनीतिक ताकत', शरद पवार बोले- चुनाव के बाद तस्वीर होगी साफ

    हिमंता में कांग्रेस का DNA

    सुप्रिया सुले ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि वो हमेशा से हिमंता बिस्वा सरमा पर गर्व करती थीं। उनका मानना था कि कांग्रेस डीएनए का कोई आदमी किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री है, यह उनके लिए गर्व की बात थी। इस बीच उन्होंने भाजपा से शरद पवार के बयान को एक बार फिर गौर से सुनने की नसीहत भी दी है।

    खबरें और भी

    दरअसल, शरद पवार ने मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्रियों ने फलिस्तीन की मदद की थी।

    पहली बार हमारे देश के प्रधानमंत्री ने इजरायल को मदद करने में अपनी भूमिका निभाई है। पवार के इस बयान के बाद से राजनीतिक अंचलों में हलचल मची हुई है। 

    शरद पवार के बयान से हलचल

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राकांपा अध्यक्ष के बयान की निंदा करते हुए कहा कि उनके जैसे वरिष्ठ नेताओं को यह समझना चाहिए कि राष्ट्रहित और राष्ट्रीय सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं है। इसे कभी भी राजनीतिक विचारों से प्रभावित नहीं होनी चाहिए। वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी शरद पवार के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की मानसिकता ठीक नहीं है, इसे रोकना होगा।

    यह भी पढ़ें: Israel Hamas War: 'शरद पवार को समझना चाहिए कि देशहित से बड़ा कुछ नहीं', NCP अध्यक्ष के बयान पर गडकरी का पलटवार

    नफरत फैलाना एकमात्र योजना

    हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर शरद पवार गुट के नेता डॉ.जितेंद्र आव्हाड ने पलटवार करते हुए कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा जैसे लोगों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरमा के मन में नफरत है, वो नहीं जानते कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति क्या है। आव्हाड ने कहा कि फलस्तीन मुसलमानों से जुड़ा हुआ है और मुस्लिम नफरत को भारत में लाना ही भाजपा की एकमात्र योजना है। इस युद्ध का इस्तेमाल देश में ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है।